पकड़े गए आरोपियों की पहचान गुलरिहा के रामनगर के जैनपुर टोला निवासी विजय कुमार, चिलुआताल के गुरुनगर निवासी पवन, गुलरिहा के ठाकुरपुर नंबर निवासी अनिरुद्ध और महुआ के जैनपुर निवासी श्रीकेश निषाद के रूप में हुई है। विजय कुमार पर हत्या, चोरी, लूट जैसे गंभीर धाराओं के आठ मुकदमे दर्ज हैं। विजय दो माह पहले ही जेल से छूटा है। उसे अष्टधातु की मूर्ति की चोरी के मामले में जेल भेजा गया था। पवन पर लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट की धाराओं में सात मुकदमे, अनिरुद्ध पर चोरी, लूट के छह मुकदमे और श्रीकेश पर सात मुकदमे दर्ज हैं।
श्रीकेश और विजय ने की थी मुखबिरी
श्रीकेश गैस एजेंसी पर पहले काम कर चुका है। उसे मालूम था कि सोमवार को दो दिन के कलेक्शन के रुपये मैनेजर के पास रहते हैं। इसके बाद श्रीकेश ने विजय, पवन व अनिरुद्ध के साथ मिलकर साजिश रची थी। मिस्ड कॉल के जरिये ही दोनों ने अपने साथियों को संकेत दे दिया कि रुपये लेकर मैनेजर निकला है, इसके बाद ही बदमाशों ने वारदात की थी।
बदमाशों तक ऐसे पहुंची पुलिस
पुलिस के हाथ दोनों घटनाओं के सीसीटीवी फुटेज लग गए थे। इसके बाद दोनों मुकदमों के वादी से अलग-अलग वीडियो दिखाकर पहचान कराई गई। इसके बाद संदेह हो गया कि दोनों घटनाओं में एक ही गिरोह का हाथ है। इसके बाद पुलिस ने एजेंसी के पूर्व कर्मचारी से पूछताछ की और सर्विलांस का लोकेशन निकाला। इसके बाद मामला साफ हो गया और फिर पुलिस ने आरोपियों को धर दबोचा।