अब भुसावल से गोरखपुर तक किसान एक्सप्रेस चलेगी। गुरुवार को पहली बार भुसावल से 230 टन प्याज लेकर किसान एक्सप्रेस की पहली रेक नकहा पहुंची। ऐसा पहली बार हुआ है कि सीमेंट और कोयले की जगह प्याज की ढुलाई जनरल कोच से हुई है।
दरअसल, कोरोना के चलते अब भी कई पैसेंजर ट्रेनें नहीं चल रही हैं। इसके चलते जनरल कोच के रेक खाली पड़े हैं। रेलवे ने ऐसे कोच को ढुलाई में इस्तेमाल करना शुरू किया है। इससे जहां कोच की मरम्मत हो रही है, वहीं रेलवे की कमाई भी हो रही है।
रेल मंत्रालय ने किसानों द्वारा पैदा की जाने वाली सब्जियों को उनके मनचाहे शहर तक पहुंचाने के लिए एक साल पहले किसान एक्सप्रेस सेवा की शुरूआत की थी। शुरूआत के दिनों में गोरखपुर तक से सेवा नहीं थी लेकिन रेक उपलब्ध होने के साथ ही भुसावल से गोरखपुर तक यह सेवा शुरू कर दी गई।
क्या है किसान एक्सप्रेस
किसान एक्सप्रेस एक तरह की मालगाड़ी है, जिससे किसानों का माल एक-जगह से दूसरी जगह तक ले जाया जाता है। इस ट्रेन से छोटे किसान भी माल भेज सकते हैं यानी कम लोड के सामान भी इस गाड़ी के जरिए भेजे जा रहे हैं।