केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के प्रैक्टिकल में 28 या इससे ज्यादा नंबर मिलने पर विद्यार्थियों की कॉपी का दोबारा मूल्यांकन किया जाएगा। वहीं प्रैक्टिकल के साथ-साथ थ्योरी में मिलने वाले नंबरों पर भी बोर्ड की निगाह होगी। अगर किसी छात्र को प्रैक्टिकल में 28 से ज्यादा नंबर मिलता है और बोर्ड परीक्षा (थ्योरी) में कम नंबर मिलते हैं तो ऐसे विद्यार्थियों की कॉपियों का दोबारा मूल्यांकन होगा। वहीं स्कूल प्रबंधन के ऊपर भी कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
नियम के मुताबिक बोर्ड परीक्षा में 75 फीसदी उपस्थिति विद्यार्थियों के लिए अनिवार्य है। मगर विद्यार्थी प्राइवेट स्कूलों में प्रवेश लेकर कोचिंग सेंटर से मेडिकल, इंजीनियरिंग की तैयारी करने चले जाते हैं। स्कूल प्रबंधन को मोटी रकम देने के एवज में विद्यार्थियों की उपस्थिति बना दी जाती है। वहीं प्रैक्टिकल में मनमाफिक नंबर भी मुहैया कराए जाते हैं।
शिकायत मिलने के बाद से बोर्ड ने इस प्रवृति को रोकने के लिए सत्र 2019-20 के नियमों में बड़ा बदलाव किया है। एक तरफ जहां बोर्ड ने इसे गंभीरता से लेते हुए पहली बार फोटो भेजने के निर्देश दिए हैं। वहीं स्कूलों को प्रैक्टिकल में 100 प्रतिशत बच्चों की उपस्थिति सुनिश्चित करनी होगी क्योंकि दोबारा किसी भी छात्र को मौका नहीं मिलेगा। प्रायोगिक परीक्षाएं सात फरवरी तक चलेंगी।