इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकील गोरखपुर नगर निगम की संपत्तियों को संरक्षित करेंगे। इसके अलावा टैक्स, विज्ञापन आदि के मामले भी हाईकोर्ट में चल रहे हैं। नगर आयुक्त ने इसके लिए इलाहाकोर्ट हाईकोर्ट के तीन वकीलों की सेवाएं लेने का निर्णय लिया है। इन वकीलों के साथ नगर निगम का करार भी हो चुका है। दरअसल नगर निगम की संपत्तियों समेत अन्य विवादों के मामलों में निचली अदलतों से जीत मिल जाने के बावजूद हाईकोर्ट में मामला फंस जाने को देखते हुए नगर आयुक्त ने उक्त निर्णय लिया है।
बशारतपुर वार्ड में नगर निगम की जमीन पर कब्जे को लेकर प्रभात कुमार पाठक के साथ नगर निगम का विवाद चल रहा है। घोष कंपनी चौराहे के पास नगर निगम की जमीन पर कब्जे को लेकर काफी विवाद चल रहा है। विज्ञापन संबंधी विवाद भी हाईकोर्ट में चल रहा है।
हाल में सेंट एंड्रयूज कॉलेज ने भी टैक्स संबंधी मामले को हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया है। इसके अलावा कई मामले हाईकोर्ट में चल रहे हैं। इनमें से अधिकांश मामलो में नगर निगम को निचली अदालतों से जीत हासिल हो चुकी है, लेकिन हाईकोर्ट में मामला फंस जाता है। इन सब को देखते हुए नगर आयुक्त ने इलाहाबाद हाईकोर्ट के वकीलों की सेवा लेने का निर्णय लिया है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि नगर निगम के मामलों की बेहतर ढंग से पैरवी हो सके, इसके लिए इलाहाबाद हाईकोर्ट के तीन वकीलों की सेवा लेने का निर्णय लिया गया है। इन वकीलों से करार भी हो चुका है।