अब गैंगस्टर एक्ट की कार्रवाई होते ही अपराधी की संपत्ति जब्त हो सकेगी। अपराधियों पर नकेल कसने के लिए शासन ने प्रदेश में पहली बार लागू हुई गैंगस्टर नियमावली-2021 में कई महत्वपूर्ण बदलाव किए हैं।
नियमावली के अनुसार यदि गैंग चार्ट में नाम नहीं है और विवेचना के दौरान यह बात सामने आती है कि किसी की संबंधित अपराध में संलिप्तता रही है या अपराधी का किसी रूप में सहयोग किया है तो डीएम की अनुमति से उसका नाम भी गैंगस्टर में जोड़कर चार्जशीट दाखिल की जा सकती है। विवेचना की समीक्षा हर तीन महीने पर डीएम करेंगे। हर छह महीने पर कमिश्नर एवं एक साल पर अपर मुख्य सचिव गृह इसकी समीक्षा करेंगे।
यदि किसी पर गैंगस्टर के तहत कार्रवाई गलती से कर दी गई है तो विवेचना के दौरान डीएम उसे वापस ले सकेंगे। यदि आरोपपत्र दाखिल हो चुका है तो राज्य सरकार से संस्तुति की जाएगी। गैंग चार्ट में जिस विषयवस्तु का उल्लेख किया जाएगा, उसके सही होने की पूरी जिम्मेदारी संबंधित थाना प्रभारी की होगी।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि गैंगस्टर से संबंधित नई नियमावली लागू हो गई है। स्थानीय स्तर पर पुलिस को भी बदले हुए प्रावधानों की जानकारी दे दी गई है। अब अपराधियों में भय व्याप्त होगा। वे गंभीर अपराध करने से घबराएंगे।