गोरखपुर शहर को साफ-सुथरा रखने के लिए अब नगर निगम घर-घर से कूड़ा उठवाएगा। कूड़ा उठाने के बाद नगर निगम कूड़े को डंपिंग यार्ड तक पहुंचाएगा। यहां सूखे और गीले कूड़े को पूरी तरह से अलग-अलग करने के बाद गीले कूड़े से खाद बनाई जाएगी। नगर निगम ने इसके लिए टेंडर जारी कर दिया है। सभी पांचों जोन के लिए अलग-अलग निविदा मांगी गई है।
शहर में कूड़े का उचित निस्तारण नहीं होने से जगह-जगह गंदगी का अंबार लगा रहता है। इसको देखते हुए नगर निगम ने पांचों जोन के सभी 70 वार्डों के लिए टेंडर जारी कर दिया है। इसके अंतर्गत नगर निगम क्षेत्र में डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन का कार्य करते हुए एकत्रित कूड़े को डंपिंग यार्ड में पहुंचाने तक के कार्य एवं यूजर चार्ज वसूलने के लिए निविदा की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इसके अंतर्गत डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन के काम के अंतर्गत घरों से गीले एवं सूखे कूड़े के रूप में अलग-अलग कूड़ा कलेक्शन का कार्य किया जाएगा। इसके बाद सूखे कूड़े को नगर निगम द्वारा वार्ड संख्या 56 नेताजी सुभाष चंद्र बोस नगर में बनवाए गए मैटेरियल रिकवरी फैसिलिटी (एमआरएफ) सेंटर में पहुंचाया जाएगा।
एमआरएफ में होगी कूड़े की अलग छंटाई-बिनाई
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि एमआरएफ सेंटर में सूखे कूड़े की छंटाई बिनाई एवं सफाई करने के बाद वहां पर स्थापित कराई जा रही मशीनों के द्वारा प्लास्टिक वेस्ट को कटर मशीन से कटिंग कराते हुए प्राप्त मैटेरियल को फिर से उपयोग के लिए इच्छुक फर्मों को बेचा जाएगा। नगर आयुक्त ने बताया कि वहां कटर मशीन प्लांट पर स्थापित करा दिया गया है। इसी प्रकार कागज, दफ्ती, थर्माकोल, धातु, शीशी-बोतल आदि को अलग-अलग एकत्रित करते हुए इच्छुक व्यक्ति को बेचा जाएगा।