कुशीनगर भिक्षु संघ अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर को म्यांमार सरकार की तरफ से मिला अभिध्वजा महारथा गुरू की उपाधि अब उन्हें कुशीनगर में ही प्रदान की जाएगी। इसके लिए 27 जून को समारोह आयोजित होगा। इसके लिए म्यांमार के राजदूत के साथ 15 सदस्यीय दल 26 जून की शाम को आएगा।
यह दल 27 जून को म्यांमार बुद्ध विहार के सभागार में समारोह के दौरान एबी ज्ञानेश्वर को उपाधि प्रदान करेगा। इस दिन मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर, मांथा कुंवर मंदिर व रामाभार स्तूप स्थल पर भी विविध आयोजन होंगे। कुशीनगर भिक्षु संघ के अध्यक्ष एबी ज्ञानेश्वर को म्यांमार सरकार ने वहां के सर्वोच्च धार्मिक उपाधि अभिध्वजा महारथा गुरू देने की घोषणा की है। परंतु कोरोना संक्रमण के चलते अभी यह ज्ञानेश्वर को नहीं दिया गया है।
म्यांमार बुद्ध विहार के प्रतिनिधि टीके राय ने बताया कि अब म्यांमार सरकार की तरफ से यह पुरस्कार कुशीनगर में आकर ही दिया जाएगा। इसके लिए राजदूत की अगुवाई में एक विशेष समूह 26 जून को कुशीनगर पहुंचेगा। मुख्य महापरिनिर्वाण मंदिर में 27 जून को सुबह छह से सात बजे तक विशेष पूजा अर्चना किया जाएगा।
वहीं माथा कुंवर मंदिर व रामाभार स्तूप स्थल पर शाम को विश्व शांति व कोविड महामारी से बचाव के लिए विशेष प्रार्थना की जाएगी। टीके राय ने बताया कि इस कार्यक्रम की जानकारी जिला प्रशासन समेत पुरातत्व विभाग के स्थानीय अधिकारियों को दे दी गई है। कार्यक्रम में कुशीनगर भिक्षु संघ व अन्य बौद्ध विहार व मठों के बौद्ध भिक्षु व अनुयायी मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम में कोरोना प्रोटोकॉल व जरूरी बातों का विशेष ख्याल रखा जाएगा। विहार प्रबंधन की तरफ से तैयारियां लगभग पूरी कर ली गई है।