पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह।
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पूर्वोत्तर रेलवे ने नई तकनीक अपनाकर तीन महीने में ही न सिर्फ करीब साढ़ें छह करोड़ रुपये बचाए हैं बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी अहम योगदान दिया है। रेलवे ने अपने दफ्तरों तथा स्टेशनों की छतों पर सौर ऊर्जा पैनल लगाए हैं। इसके जरिये इस वर्ष अप्रैल से मई तक 11.95 लाख यूनिट सौर ऊर्जा का उत्पादन किया है। विभिन्न जगहों पर इसका इस्तेमाल कर बिजली बिल की बचत की गई है।
इसके अलावा 34 ट्रेनों में हेड ऑफ जेनरेशन (एचओजी) तकनीक लगाकर इस वित्तिय वर्ष में जून कर छह करोड़ के डीजल की भी बचत की गई है। इस तकनीक के तहत इलेक्ट्रिक इंजन में ओवरहेड वायर से मिलने वाली बिजली को हर कोच तक पहुंचाया जाता है और बत्ती, पंखा, एसी इसी से चलती है। पहले इसके लिए एक पावर कार लगाई जाती थी जिसमें ईंधन के रूप में डीजल का इस्तेमाल होता था।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वोत्तर रेलवे में सरकारी दफ्तरों, कॉलोनियों में सोलर पैनल लगाकर ऊर्जा का उत्पादन किया जा रहा है। वहीं एचओजी तकनीक से ईंधन की काफी बचत हुई है। इसे अब और ट्रेनों में लगाया जाएगा।