उत्तर प्रदेश के गोरखपुर जिले में पिछले दिनाें हुई बारिश का जिले की नदियों के जलस्तर में कोई असर नहीं पड़ा है। सभी नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे हैं। 16 गांव अब भी बाढ़ के पानी से घिरे हैं। इन गांवों में लोगों को आने जाने के लिए सात नावों को लगाया गया है।
जनपद में बहने वाली सभी नदियां एक माह पहले उफान पर थीं। इससे राप्ती तथा अन्य नदियों के तटबंध जर्जर हो गए थे। राप्ती नदी के किनारे बसे गांवों के लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ा। सिंचाई विभाग के अलावा प्रशासन की तरफ से निगरानी की जा रही थी। ग्रामीण बंधों पर पहरा दे रहे थे।
एक माह बाद जब नदी का जलस्तर नीचे आया तो लोगों ने राहत की सांस ली। अब घाघरा नदी खतरे के निशान से 63 सेंटीमीटर नीचे आ गई है। राप्ती नदी 1.15 मीटर खतरे के निशान से नीचे है, जबकि रोहिन नदी 3.26 मीटर, वहीं गोर्रा नदी खतरे के निशान से 95 सेंटीमीटर नीचे आ गई है। वहीं बाढ़ के पानी से अब भी गोला तहसील के 10, सदर तहसील के चार और सहजनवां तहसील के दो गांव घिरे हैं। यहां के लोगाें को आने-जाने लिए नाव की व्यवस्था की गई है।