अमर उजाला और श्रम विभाग की ओर से शुक्रवार को श्रम विभाग कार्यालय में समाचार पत्र वितरकों के लिए पंजीयन शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में प्रदेश सरकार की ओर से असंगठित श्रमिकों के लिए चलाई जा रही योजनाओं का लाभ दिलाने के लिए 185 समाचार पत्र वितरकों का पंजीयन किया गया। पंजीयन के बाद समाचार पत्र वितरक अब पांच लाख रुपये तक मुफ्त इलाज के साथ ही दो लाख रुपये के दुर्घटना बीमा के पात्र बन गए हैं।
प्रमाणपत्र वितरित करते हुए उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि निर्माण श्रमिकों को छोड़कर समाचार पत्र वितरकों सहित 45 प्रकार के नियोजन में कार्य करने वाले श्रमिकों का पंजीयन हो रहा है। जिसमें श्रमिक द्वारा एक बार 60 रुपये जमा कराकर अपना पंजीयन कराया जा सकता है। बताया कि वर्तमान में बोर्ड द्वारा दो योजनाएं संचालित हैं। इनमें पहली योजना मुख्यमंत्री जन आरोग्य योजना है जिसके अंतर्गत पंजीकृत कामगारों एवं उनके परिजनों को पांच लाख तक के कैशलेश इलाज की निशुल्क सुविधा उपलब्ध होगी। दूसरी योजना मुख्यमंत्री दुर्घटना बीमा योजना है।
इसके तहत कामगार की दुर्घटनावश मृत्यु या दिव्यांगता होने पर अधिकतम दो लाख की आर्थिक सहायता दी जाती है। बताया कि अभी आगे असंगठित श्रमिकों के लिए और भी योजनाएं आएंगी जिनका लाभ पंजीयन कराने वाले समाचार पत्र वितरकों के साथ ही असंगठित श्रमिकों को मिलेगा को मिलेगा। शिविर के आयोजन में सहायक श्रम आयुक्त कृष्णकांत यादव, राधेश्याम गुप्ता, इंदु भूषण, शिवानंद सिंह, संजय कुमार मौर्य, विकास श्रीवास्तव आदि का सहयोग रहा।
इनकी रही सहभागिता
समाचार पत्र विक्रेता संघ के राम श्रेष्ठ पासवान के साथ ही विनोद तिवारी, ज्ञानू तिवारी, सोनू मझवार, संजय दीना, संदीप अग्रहरि, पंकज अग्रहरि, चंद्रेश गुप्ता, अशोक कुमार जायसवाल, गंगा शरण, बृज मोहन अग्रहरि, राजू वर्मा, धर्मवीर, सुनील, रवि, भुवाल शर्मा, मिठाई लाल, नागेंद्र कुमार शहर के वितरकों में भारी उत्साह के साथ शिविर में हिस्सा लिया।
प्रदेश सरकार की यह बहुत ही अच्छी योजना है। इस योजना में पंजीकरण कराकर हम लोगों का भविष्य काफी हद तक सुरक्षित हो गया है।
शिवशंकर, लाभार्थी
प्रदेश सरकार ने हम लोगों के बारे में इतना सोचा यह बड़ी बात है। इससे पहले किसी सरकार ने इस तरह की योजना समाचार पत्र वितरकों के लिए नहीं लाई थी।
भुआल, लाभार्थी
पंजीकरण कराकर बहुत अच्छा लग रहा है। अब हम लोगों का भविष्य सुरक्षित है। इसके लिए शिविर के आयोजक का हृदय से आभार व्यक्त करता हूं।
राजपाल, लाभार्थी
समाचार पत्र वितरकों के लिए अब तक कोई भी योजना नहीं आई थी। लेकिन सरकार की इन दोनों योजनाओं का लाभ सीधे वितरकों को मिलेगा।
विजय, लाभार्थी