इसी दौरान भाभी मालती ने भी उनके ऊपर ज्वलनशील पदार्थ डालकर ऊपर से गर्म पानी डाल दिया। जिससे पिता की हालत और गंभीर हो गई। इस घटना के समय पिता भाई के पास थे। 16 जुलाई को पुलिस की मदद से अपने पिता को अपने घर लायी और घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दी।
पुलिस ने कोई कार्रवाई नहीं की तो 17 जुलाई को रजिस्ट्री कर एसएसपी को अवगत कराया गया। थाना दिवस में शिकायत हुई लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। चंद्रकला का कथन है कि पिता को गंभीर हालत में शहर के कई अस्पतालों में इलाज कराया लेकिन तीन अगस्त को उनकी मौत हो गई थी।
पिता की मौत के जिम्मेदार लोगों के खिलाफ चौरीचौरा थाने का चक्कर काटती रही लेकिन पुलिस ने हत्यारोपियों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की। चंद्रकला ने इस मामले को लेकर न्यायालय में वाद दाखिल कर न्याय की गुहार लगाई। मामले का संज्ञान लेते हुए न्यायालय ने पुलिस को मुकदमा दर्ज कर विवेचना का आदेश दिया है।