गोरखपुर शहर में मृत पशुओं के लिए नगर निगम अंत्येष्टि स्थल बनाएगा। इसके लिए करीब पांच करोड़ रुपये की लागत से संयंत्र लगाया जाएगा। करीब 1.2 एकड़ जमीन की आवश्यकता पड़ेगी। नगर निगम के प्रस्ताव पर पश्चिम बंगाल की कंपनी एटीके इंजीनियरिंग सर्विस ने प्रोजेक्ट तैयार किया है। जल्द ही कंपनी की ओर से इस संबंध में पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।
स्वच्छ सर्वेक्षण 2018 के सर्वे में क्वालिटी काउंसिल ऑफ इंडिया (क्यूसीआई) में पाया गया था कि देश के विभिन्न इलाकों में जानवरों के शवों का निस्तारण सही ढंग से नहीं किया जा रहा है। गोरखपुर भी इनमें से एक है। इसके मद्देनजर नगर निगम बोर्ड ने पशुओं के शवों के निस्तारण के लिए अंत्येष्टि स्थल बनाने का निर्णय लिया है।
दरअसल, नगर निगम क्षेत्र में काफी संख्या में छुट्टा पशु हैं। इसके अलावा आए दिन सड़क दुर्घटना में जानवरों की मौत हो जाती है, लेकिन नगर निगम के सामने सबसे बड़ी दिक्कत इन पशुओं के शवों के निस्तारण को लेकर आती है। नगर निगम द्वारा अक्सर शहर के सूनसान वाले इलाके में पशुओं के शवों को फेंक दिया जाता है। वहीं, अभी हाल में नगर निगम द्वारा चिड़ियाघर के पास मृत पशुओं को निस्तारित किया जा रहा था तो चिड़ियाघर प्रशासन की आपत्ति के बाद इसे बंद करना पड़ा है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि नगर निगम की ओर से पशुओं के शवों के निस्तारण के लिए अंत्येष्टि स्थल बनाया जाएगा। वैज्ञानिक तरीके से पशुओं के शवों का निस्तारण किया जाएगा। इस संबंध में कंपनी से वार्ता हो चुुकी है। जल्द ही कंपनी की ओर से प्रोजेक्ट का पावर प्वाइंट प्रेजेंटेशन दिया जाएगा।