सिविल लाइंस स्थित नगर निगम की जमीन पर जिस संचालक को अवैध ढंग से पार्किंग शुल्क वसूलते 17 नवंबर को पकड़ा गया था, नगर निगम ने उसे ही टेंडर फाइनल होने तक पार्किंग शुल्क वसूलने का जिम्मा सौंप दिया है। हालांकि संचालक से इस दौरान के लिए 1.65 लाख रुपये कर भी जमा करवाया गया। चर्चा है कि पहले अवैध बताकर नगर निगम ने कार्रवाई की और अब मजबूरी बताकर उसी को संचालन का जिम्मा सौंप दिया।
दरअसल, नगर निगम की टीम ने सिटी माल के सामने नजूल की भूमि पर संचालित पार्किंग का निरीक्षण किया था। बकौल अपर नगर आयुक्त मौके पर अवैध रूप से पार्किंग शुल्क वसूला जा रहा था। टीम को देखते ही संचालक व उसके सहयोगी भागने लगे थे। टीम ने दौड़ाकर दो-तीन लोगों को पकड़ा था, जिनके पास से रेलवे कार पार्किंग लिखी पर्ची की दो गड्डियां मिलीं थीं। पर्चियों पर 40 रुपये शुल्क भी दर्ज थे।
अपर नगर आयुक्त ने दावा किया था कि निगम की ओर से वर्तमान में वहां किसी को भी पार्किंग स्टैंड का ठेका नहीं दिया गया है। जबकि, विस्तृत जांच में यह सामने आया है कि प्रशासन की ओर से पिछले साल एक साल के लिए टेंडर निकाला गया था मगर पांच महीने पहले ही अनुबंध की अवधि खत्म हो गई थी और तब से संचालक द्वारा अवैध तरीके से वसूली की जा रही थी।