इलेक्ट्रिक बस चार्जिंग स्टेशन का निरीक्षण करते नगर आयुक्त।
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गोरखपुर में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों के लिए चार्जिंग स्टेशन बनाने वाली कंपनी पीएमआई का काम संतोषजनक नहीं है। इसपर नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कंपनी के खिलाफ शासन को पत्र लिखा है। साथ ही कंपनी की लेटलतीफी और खराब काम से निदेशक अर्बन ट्रांसपोर्ट को अवगत करा दिया है।
प्रदेश में चलने वाली इलेक्ट्रिक बसों को 26 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी हरी झंडी दिखाएंगे। लेकिन गोरखपुर में बसों के निर्धारित समय से चलने में देरी होने की आशंका बन गई है। पहले तो चार्जिंग स्टेशन के आसपास पानी भरने से काम में देरी हुई। वहीं अब चार्जिंग प्वाइंट लगाने वाली कंपनी पीएमआई की लेटलतीफी ने इस देरी की आशंका को और बढ़ा दिया है। अब तक कंपनी के द्वारा चार्जिंग प्वाइंट लगाने के लिए केबल आदि भी नहीं बिछाया गया है।
कंपनी के प्रोजेक्ट मैनेजर इस दौरान आए भी लेकिन दो-ढाई घंटे निरीक्षण करने के बाद लौट गए। इसके बाद भी काम में अपेक्षित सुधार नहीं आया है। नगर आयुक्त ने कंपनी के हरेक अधिकारी से इस संबंध में वार्ता की, लेकिन अब भी स्थिति जस की तस बनी हुई है। ऐसे में गोरखपुर में निर्धारित 26 सितंबर से बसों के संचालन में देरी होने की पूरी आशंका है।
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने बताया कि चार्जिंग स्टेशन बनाने वाली कंपनी पीएमआई के खिलाफ शासन को पत्र लिख दिया गया है। साथ ही निदेशक अर्बन ट्रांसपोर्ट को स्थिति से अवगत करा दिया गया है। वजह यह है कि अब तक कंपनी के द्वारा चार्जिंग प्वाइंट तैयार करने का काम नहीं किया गया है।