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Court News: हत्या के दोषी मां-बेटे को आजीवन कारावास की सजा, ढाई लाख रुपये का लगाया अर्थदंड

Thu, 21 Jul 2022 11:57 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

24 मई 2016 को शाम करीब 4:30 बजे फोन से सूचना मिली कि अभियुक्त श्रवण व इसरावती ने मिलकर सुमन को जलाकर मार दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया। अब कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।

 
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सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : सोशल मीडिया
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विस्तार
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अपर सत्र न्यायाधीश तनु भटनागर ने हत्या का जुर्म सिद्ध होने पर बुधवार को सिकरीगंज के हरिजनपुर निवासी श्रवण चौहान व उसकी मां इसरावती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही 2.50 लाख रुपये का जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना न देने पर तीन साल तक और जेल में रहना होगा।

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अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक परमानंद राम त्रिपाठी का कहना था कि वादिनी ज्ञानमती, बेलघाट थानाक्षेत्र के ग्राम बेलवा की निवासी हैं। ज्ञानमति ने अपनी बेटी सुमन की शादी घटना से तीन साल पहले श्रवण से की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगे। 27 जनवरी 2016 को श्रवण ने सुमन को मारपीट कर घर से निकाल दिया।

पुलिस व गांव के प्रतिष्ठित लोगों ने सुलह समझौता कराया। 24 मई 2016 को शाम करीब 4:30 बजे फोन से सूचना मिली कि अभियुक्त श्रवण व इसरावती ने मिलकर सुमन को जलाकर मार दिया। इस मामले में मुकदमा दर्ज कराया। अब कोर्ट ने साक्ष्यों के आधार पर फैसला सुनाया है।
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रिश्वत लेने में लेखपाल को चार साल की सजा

विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट प्रवीण कुमार सिंह ने बुधवार को रिश्वत लेने के जुर्म में लेखपाल राम किशुन को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।  

अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि शिकायतकर्ता दिलीप शुक्ल बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भैसही के निवासी हैं। दिलीप ने प्रभारी निरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि 16 मार्च 2015 को सरिता पत्नी हरिवंश से 14 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसमें से 0.001 डिसमिल जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 29 में निकल रही थी।

लेखपाल ने एनएचएआई को रिपोर्ट भेजने व मुआवजा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये घूस की मांग कर दी। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने छापा मारा और लेखपाल को रिश्वत लेेते गिरफ्तार कर लिया। अब साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम कोर्ट ने सजा सुनाई है।
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