विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम कोर्ट प्रवीण कुमार सिंह ने बुधवार को रिश्वत लेने के जुर्म में लेखपाल राम किशुन को चार साल कारावास की सजा सुनाई है। जुर्माना भी ठोंका है। जुर्माना न देने पर छह महीने की अतिरिक्त कारावास भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से विशेष लोक अभियोजक घनश्याम त्रिपाठी का कहना था कि शिकायतकर्ता दिलीप शुक्ल बांसगांव थाना क्षेत्र के ग्राम भैसही के निवासी हैं। दिलीप ने प्रभारी निरीक्षक भ्रष्टाचार निवारण संगठन को शिकायती पत्र दिया था। आरोप था कि 16 मार्च 2015 को सरिता पत्नी हरिवंश से 14 डिसमिल जमीन खरीदी थी। इसमें से 0.001 डिसमिल जमीन राष्ट्रीय राजमार्ग 29 में निकल रही थी।
लेखपाल ने एनएचएआई को रिपोर्ट भेजने व मुआवजा दिलाने के नाम पर 40 हजार रुपये घूस की मांग कर दी। इसी आधार पर भ्रष्टाचार निरोधक टीम ने छापा मारा और लेखपाल को रिश्वत लेेते गिरफ्तार कर लिया। अब साक्ष्यों के आधार पर विशेष न्यायाधीश भ्रष्टाचार अधिनियम कोर्ट ने सजा सुनाई है।