एसटीएफ लखनऊ की टीम ने देवरिया निवासी एक शिक्षक को सीतापुर जिले के बेहटा ब्लॉक में दूसरे के दस्तावेज पर नौकरी करने के आरोप में शुक्रवार को गिरफ्तार किया था। इसके पूर्व फर्जी शिक्षक की पत्नी को भी इसी आरोप में नौकरी करने पर टीम एक माह पूर्व हिरासत में ले चुकी है।
जिले के एक परिषदीय स्कूल में सहायक अध्यापक रहीं उसकी मां को भी 10 साल पहले बर्खास्त किया जा चुका है। इस मामले में उनके पिता की भूमिका भी संदिग्ध बताई जा रही है।
देवरिया जिले के बैतालपुर ब्लॉक अंतर्गत बेलही तिवारी गांव निवासी ऋषिकेश मणि त्रिपाठी का वर्ष 2009 में सीतापुर जिले के बेहटा ब्लॉक स्थित एक प्राथमिक विद्यालय में सहायक अध्यापक के पद पर नियुक्ति हुई। माना जा रहा है कि यह नियुक्ति यहीं के इंटर कॉलेज के एक शिक्षक बजरंग भूषण के शैक्षिक दस्तावेजों के आधार पर जालसाजी कर तैयार कराया गया था।
यह खुलासा तब हुआ जब गिरफ्तार फर्जी शिक्षक ऋषिकेश की पत्नी स्नेहलता तिवारी को पिछले माह एसटीएफ ने हिरासत में लेकर पूछताछ की थी। पहले तो उसने सिर्फ अपने ही दस्तावेज फर्जी बताए, लेकिन बाद में एसटीएफ की कड़ाई से पूछताछ में पति का नाम कुबूल किया।