प्रदेश सरकार की स्थानांतरण नीति सिंचाई विभाग के अधिकारियों के लिए बेमानी साबित हो रही है। एक महीने पहले गोरखपुर मंडल में कार्यरत सिंचाई विभाग के 12 अवर अभियंताओं का स्थानांतरण गैर जनपद हुआ। उनमें से अधिकतर अभियंताओं को अभी तक रिलीव नहीं किया गया है। जबकि शासन का स्पष्ट निर्देश है कि ट्रांसफर के दो दिन बाद उन्हें रिलीव किया जाए।
सिंचाई विभाग कुुुशीनगर, महराजगंज, गोरखपुर में कार्यरत 12 से अधिक अवर अभियंताओं का ट्रांसफर एक माह पहले गैर जनपद हुआ है। फिर भी अधिकांश अवर अभियंता 15 -16 साल से एक ही जगह जमे हैं। जानकारी के अनुसार कुशीनगर से सात अवर अभियंताओं का ट्रांसफर हुआ है। इसमें से दो को रिलीव किया गया। दो को अक्टूबर तक का समय दिया गया है। तीन अवर अभियंताओं को रोकने के लिए सिफारिश की गई है। इनमें से चर्चित अवर अभियंता वीपी सिंह भी हैं। राकेश कुमार और पारसनाथ भी करीब 16 साल से जमे हैं।
इसी प्रकार अवर अभियंता संजीव पटेल 16 साल और शंभू कुशवाहा 15 साल से महराजगंज में जमे हैं। राजेश पांडे लंबे समय से गोरखपुर मंडल में पदस्थ हैं। रामनरेश गौतम भी 15 साल से सिंचाई खंड गोरखपुर में जमे हुए हैं। वहीं अवधेश कुमार, राकेश रोशन, नवीन कुमार, एलवी राम, एमएल दास का ट्रांसफर किया गया है, पर इनको रिलीव नहीं किया गया है।
क्या है शासन का निर्देश
वहीं बृजेश कुमार द्विवेदी, सहायक अभियंता बाढ़ खंड 2 में कार्यरत हैं। इनको देवरिया का भी चार्ज दिया गया है, ये देवरिया के मूल निवासी हैं, जो नियम विरुद्ध है।
प्रमुख अभियंता परियोजना मुस्ताक अहमद द्वारा जो आदेश जारी किया है, उसमें स्पष्ट रूप से कहा गया है कि उक्त आदेश तत्काल प्रभाव से लागू होंगे। एक सप्ताह के अंदर नई जगह कार्यभार ग्रहण करने के लिए कहा गया है। संबंधित अधिकारी को एक सप्ताह के अंदर कार्यमुक्त करने के लिए कहा गया है।
आदेश के अनुसार स्थानांतरित जूनियर इंजीनियर का जुलाई के पश्चात वेतन न आहरित किया जाए। अन्यथा संबंधित अधिशासी अभियंता जिम्मेदार होगा। स्थानांतरण के एक सप्ताह बाद कार्यभार नहीं ग्रहण करने वालों की सूचना मुख्यालय उपलब्ध कराएं। आदेश में यह भी कहा गया कि स्थानांतरित जूनियर इंजीनियर को निर्धारित समय में कार्यमुक्त न करना अनुशासनहीनता मानी जाएगी।
जिनके ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें रोका नहीं जाएगा। कुशीनगर में बाढ़ के कारण उन्हें रोका गया था। सबको जल्द रिलीव कर दिया जाएगा। नियम के विरुद्ध कोई काम नहीं होगा। -आलोक जैन, मुख्य अभियंता, सिंचाई