मरीजों का कर रहे शारीरिक और आर्थिक शोषण
ये निजी अस्पताल मरीजों और उनके तीमारदारों की जेब खाली करने के साथ उन्हें शारीरिक रूप से भी नुकसान पहुंचा रहे हैं। बिना डिग्री वाले मरीजों की जान भी ले रहे हैं। एक सप्ताह के अंदर ऐसे दो मरीजों की मौत भी हुई है, जिनका ऑपरेशन बिना डिग्री वाले ने किया था।
पहले पीआरओ थे, अब खोल लिया निजी अस्पताल
तारामंडल और बीआरडी क्षेत्र में, जो निजी अस्पताल चला रहे हैं उनमें अधिकतर पहले शहर के निजी अस्पतालों के मैनेजर और पीआरओ का काम देखते थे। अब यह लोग निजी अस्पताल चलाकर मरीजों का शोषण करने में जुट गए हैं। इस काम में शहर के कई बीएचएमएस डॉक्टर भी शामिल हैं, जिनकी शह पर अस्पताल चल रहे हैं।
आईएमए केवल मौखिक रूप से करता रहा शिकायत
आईएमए भी इस तरह के अस्पतालों का विरोध मौखिक रूप से करता रहा है। लेकिन, लिखित तौर पर इनकी सूची आज तक स्वास्थ्य विभाग को नहीं सौंपी। जबकि, स्वास्थ्य विभाग कई बार सूची मांग चुका है।