चीफ प्रॉक्टर प्रो. सतीश चंद्र पांडेय और डीएसडब्ल्यू प्रो. अजय सिंह ने विद्यार्थियों से बात की। मामले में कमी स्वीकारते हुए उन्होंने बताया कि प्रथम पाली की परीक्षा निरस्त करने की जानकारी दी गई है। उधर, छात्रों ने दूसरी पाली की परीक्षा भी निरस्त करने की मांग की। उनका कहना था कि बहुत सारे छात्र लौट गए हैं। छात्रों के हंगामे को देखते हुए सिटी मजिस्ट्रेट अंजनी कुमार सिंह भी पहुंचे। उन्होंने विद्यार्थियों और विवि के प्रशासनिक अधिकारियों से बात की। शाम करीब चार बजे विवि प्रशासन ने दोनों पेपर निरस्त करने की घोषणा की, जिसके बाद परीक्षार्थियों ने धरना समाप्त किया।
इस मौके पर छात्रनेता योगेश प्रताप सिंह, आर्या यादव, अंकित पांडेय, गौतम यादव, यशपाल सिंह, दिनेश मौर्या, ओंकार पटेल, अरुण यादव आदि मौजूद रहे।
प्रश्नपत्र के निर्देशांक में कुछ त्रुटि थी। जिसके चलते छात्रों की मांग थी कि परीक्षा निरस्त की जाए। उनकी मांग को देखते हुए परीक्षा निरस्त कर दी गई है। जल्द ही परीक्षा की नई तिथि घोषित की जाएगी। -डॉ. महेंद्र कुमार सिंह, मीडिया एवं जनसंपर्क अधिकारी
पहले भी हो चुकी है चूक
विश्वविद्यालय में परीक्षा के दौरान इसके पहले भी लापरवाही सामने आ चुकी है। इसी वर्ष वार्षिक और सेमेस्टर परीक्षाओं के दौरान एक के बाद एक तीन बार अलग-अलग तरह की चूक हुई थी। वार्षिक परीक्षाओं के दौरान 19 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष के राजनीति शास्त्र की परीक्षा, 27 अप्रैल को बीए द्वितीय वर्ष के अंग्रेजी के पेपर और 11 जून को एमए द्वितीय सेमेस्टर के समाज शास्त्र की परीक्षा में भी लापरवाही सामने आई थी।