प्रदेश सरकार ने बजट में रोजगार पर विशेष ध्यान दिया गया है। हथकरघा और रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र में रोजगार की असीम संभावनाओं को देखते हुए इसे बढ़ाने देने पर जोर दिया गया है। गोरखपुर में रेडीमेड गारमेंट एक जिला एक उत्पाद (ओडीओपी) योजना में शामिल है।
इसके चलते जिले में रेडीमेड उद्योग की संभावनाएं और तेज हो गई हैं। अच्छी बात यह है कि इसमें करोड़ों रुपये के निवेश के प्रस्ताव भी मिल चुके हैं। इससे करीब 5, 000 से अधिक लोगों को रोजगार मिलने की संभावना भी है।
जिले में करीब 100 से अधिक इकाईयां रेडीमेड गारमेंट से जुड़ी हैं। इन इकाइयों से हजारों लोगों को रोजगार भी मिला है। यहां धागा बनाने से लेकर रेडीमेड गारमेंट तैयार करने तक की इकाईयां चल रही हैं, जिसकी सप्लाई दूसरे प्रदेशों में भी होती है। ओडीओपी में शामिल होने के इनके काम में और तेजी भी आई है।
सरकार की ओर से इस क्षेत्र को प्राथमिकता में शामिल करने के बाद और तेजी से विकास होने की संभावना है। ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में गोरखपुर को रेडीमेड गारमेंट क्षेत्र में करीब 1600 करोड़ रुपये से अधिक का प्रस्ताव मिला है। इसमें सबसे बड़ा निवेश प्रस्ताव नाइन समूह की ओर से दिया गया है।
इसके साथ ही 300 करोड़ रुपये की लागत से निजी टेक्सटाइल पार्क का निवेश प्रस्ताव भी प्राप्त हुआ है। दूसरी ओर सरकार ने रेडीमेड गारमेंट में 31 हजार युवाओं को रोजगार देने का लक्ष्य तय किया है। अब उम्मीद बढ़ गई है कि रेडीमेड गारमेंट का उद्योग जिले में तेजी से बढ़ेगा और लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे।