गोरखपुर में गुरुवार की सुबह एक अजीब मामला सामने आया है। यहां कैंट थाने के दिव्य नगर कॉलोनी में बंदरो के झुंड ने एक लड़की को तीन घंटे तक बंधक बनाए रखा। दरअसल, लड़की बंदरों से डरकर खुद को कमरे में बंद कर ली और इस दौरान एक बंदर का हाथ दरवाजे में दब गया था जिसके बाद बंदरों का झुंड आ गया था।
पुलिस से मदद मांगने पर पहुंचे पुलिसवालों ने गुलेल और डंडे की मदद से बंदरों को खदेड़ कर लड़की को बचाया। साथ ही बंदर का भी मलहम पट्टी किया गया।
जानकारी के मुताबिक, दिव्यनगर कॉलोनी निवासी युको बैंक के कर्मचारी दीपक कुमार के घर के उपरी मंजिल स्थित एक कमरे में उनके घर की प्रियंका नामक लड़की गुरुवार की सुबह छह बजे सोई थी। सुबह 6 बजे करीब 10 से 12 की संख्या में बंदर कमरे के बाहर आ गए।
प्रियंका ने डर कर कमरे का दरवाजा बंद कर लिया। इस दौरान दरवाजे में एक बंदर का हाथ दब गया। जिसके बाद 30 से 35 की संख्या में बंदर आ गए और घर के खिड़की दरवाजे पर उत्पात मचाने लगे। उसे बचाने आस पास के लोग या घर के लोग नहीं जा पा रहे थे। जिसके बाद विनोद कुमार ने डॉयल 112 पर फोन किया।
सूचना पर तत्काल दस मिनट में पीआरवी नंबर 0317 के पुलिसकर्मी पहुंचे। पीआरवी के कमांडर उपेंद्र मल्ल, मिथिलेश तिवारी व चालक पुरषोत्तम पटेल ने छत पर जाकर गुलेल व लाठी डंडे का प्रयोग कर बंदरों को भगाया। साथ ही दरवाजा खोलकर बंदर का हाथ बाहर निकाला तथा प्रियंका को भी तीन घंटे बाद कमरे से बाहर निकाला।