उत्तर प्रदेश के महराजगंज जिले के चौक बाजार क्षेत्र के ग्राम सभा हरपुर खुर्द में गांव के लोगों ने नम आंखो से गांव के पूरब स्थित काली मंदिर परिसर में सिर मुड़ाकर बंदर की तेरही मनाया और भंडारे का आयोजन किया।
जानकारी के मुताबिक, बीते तेरह दिन पहले सोमवार को बंदर का एक झुंड गांव में आया। गांव के कुत्ते उसे देखकर दौड़ने लगे। अपनी जान बचाने के लिए एक बंदर एक छत से दूसरे छत पर छलांग लगाया। बीच से गुजर रहे 11 हजार बोल्टेज तार की चपेट में आ गया। जिससे झुलसने से उसकी मौत हो गई थी।
गांव वालों ने हिंदू रीती रिवाज से उसका दाह संस्कार किया। शनिवार को गांव के लोग मिलजुल कर काली माता मंदिर परिसर में हिंदू परंपरा के अनुसार सिर मुड़ाकर नम आंखों से तेरही मनाकर भंडारे का भी आयोजन किया। पुरे गांव के लोगों के साथ आस-पास के गांव के लोग भंडारे में सम्मिलित होकर प्रसाद ग्रहण किए।
ग्रामीणों ने दाह संस्कार किए गए जगह पर मंदिर बनवाने का निर्णय लिया है। इस दौरान अंगेश, राहुल कुमार, सर्वजीत, श्रीराम, शम्भू, रामलखन, दुर्गेश, राधेश्याम, जितेंद्र, रामप्रीत, मिथिलेश, मल्लू, संतोष आदि मौजूद रहे।