गोरखपुर में कोरोना संक्रमण के कारण मौत का शिकार हुए आधुनिक मदरसा शिक्षक मो. आजम का परिवार अब अभाव में जीने को मजबूर है। मृत मदरसा शिक्षक के परिवार को अल्पसंख्यक कल्याण विभाग से कुछ मदद मिलने की उम्मीद है लेकिन इस संबंध में शासन की पॉलिसी नहीं होने के कारण अधिकारी भी कुछ स्पष्ट नहीं कह पा रहे हैं।
शहर के हुमायूंपुर निवासी मो. आजम आधुनिक मदरसा में विज्ञान शिक्षक थे। अप्रैल 2017 से मानदेय का केंद्रांश नहीं मिलने के कारण आर्थिक तंगी से जूझ रहे थे। कोरोना की दूसरी लहर के दौरान अप्रैल 2021 में संक्रमित हुए थे। लखनऊ कोविड सेंटर में इलाज के दौरान मो. आजम की मौत हो गई थी। साथी शिक्षक मो. आसिफ ने बताया कि मो. आजम की पत्नी और दो बच्चे हैं।
उनकी मृत्यु से परिवार आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। 52 माह बीतने के बावजूद केंद्रांश नहीं मिला है। मदरसा आधुनिकीकरण एकता समिति के जिलाध्यक्ष अशरफ अली सिकंदर बाबा ने बताया कि मृत शिक्षक के परिवार वालों को बकाया मानदेय का भुगतान कराने के साथ कोरोना से मृत्यु का शिकार होने वाले मदरसा शिक्षकों के आश्रितों को आर्थिक मदद दिलाने की सरकार से मांग की जाएगी।
जिला अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी आशुतोष पांडेय ने बताया कि आधुनिक मदरसा शिक्षक मानदेय पर तैनात हैं उनकी मृत्यु पर आश्रितों के संबंध में शासन की कोई पॉलिसी नहीं है। सरकार से कोरोना के कारण मृत्यु का शिकार हुए अनुदानित मदरसों के आधुनिक मदरसा शिक्षकों की सूची मांगी गई है लेकिन अभी उस पर कोई दिशा-निर्देश जारी नहीं किए गए हैं।