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MMMUT: ऑडिट से ऑफिस की कार्यप्रणाली सुधारेगा एमएमएमयूटी, बनाया जा रहा प्रारूप

Mon, 20 Nov 2023 01:36 PM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि प्रशासनिक सुधार की विश्वविद्यालय में अत्यधिक आवश्यकता महसूस की जा रही थी। फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी की शिकायतें भी आए दिन मिल रही थीं। इसे ध्यान में रखकर ही प्रशासनिक ऑडिट कराते रहने का निर्णय लिया गया है।
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MMMUT - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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कार्यालय की कार्यप्रणाली सुधारने के लिए मदनमोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) ने अनूठी पहल की है। विश्वविद्यालय अपनी प्रशासनिक व्यवस्था का आडिट कराने जा रहा है, जिससे यह जानकारी प्राप्त हो सके कि प्रशासनिक कार्याें की निस्तारण में देरी की वजह क्या है और उसे कैसे सुधारा जा सकता है।

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ऑडिट के जरिये उन कर्मचारियों और अधिकारियों को भी चिन्हित किया जाएगा, जिनके चलते विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यों का संचालन सुचारु रूप से नहीं हो पाता, जिसका खामियाजा छात्रों से लेकर शिक्षकों और कर्मचारियों तक झेलना पड़ता है।

प्रशासनिक ऑडिट की जिम्मेदारी विश्वविद्यालय आंतरिक गुणवत्ता सुनिश्चयन कमेटी (आइक्यूएसी) के निदेशक प्रो. विट्ठल एल. गोले को सौंपी गई है। वह ऑडिट का ऐसा प्रारूप तैयार कर रहे है, जिसमें विश्वविद्यालय के प्रशासनिक कार्यालय के सभी विभागों को समाहित किया जा सके।
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ऑडिट के दौरान प्रारूप में भरे गए डाटा से स्पष्ट हो सकेगा कि कोई कर्मचारी या अधिकारी जानबूझकर कार्य नहीं कर रहा है या कार्य को लेकर उसकी समझ में दिक्कत है। इस आधार पर लापरवाही करने वाले कर्मचारी या अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी और कमजोर समझ वालों में प्रशिक्षण के जरिये क्षमता के विकास पर कार्य किया जाएगा।

फाइलों के निस्तारण में देरी की मिल रही थी शिकायत
विश्वविद्यालय प्रशासन को प्रशासनिक ऑडिट कराने की जरूरत फाइलों के निस्तारण में देरी को लेकर मिल रही लगातार शिकायतों के चलते पड़ी। विश्वविद्यालय की मानें तो यह शिकायतें शिक्षकों, अधिकारियों, कर्मचारियाें और छात्रों सभी की ओर से मिल रही थीं। शिकायतों के स्थायी समाधान के लिए कुलपति ने प्रशासनिक आडिट का निर्णय ले लिया।

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एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि प्रशासनिक सुधार की विश्वविद्यालय में अत्यधिक आवश्यकता महसूस की जा रही थी। फाइलों के निस्तारण में हो रही देरी की शिकायतें भी आए दिन मिल रही थीं। इसे ध्यान में रखकर ही प्रशासनिक ऑडिट कराते रहने का निर्णय लिया गया है। प्रारूप तैयार होते ही आडिट की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।
 
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