गोरखपुर में बीते दो वर्षों में स्थापित किए गए सभी ऑक्सीजन प्लांट की तकनीकी जांच मदन मोहन मालवीय प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (एमएमएमयूटी) के विशेषज्ञ करेंगे। इंस्टालेशन, टेस्टिंग, कमिशनिंग और गैस पाइप लाइन तकनीक का मानक के सापेक्ष परीक्षण विशेषज्ञ करेंगे और रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंपेंगे।
जिला प्रशासन से पत्र प्राप्त होने के बाद कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया है। इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग विभाग के प्रो. वीके गिरि के नेतृत्व में बनी टीम में केमिकल इंजीनियरिंग विभाग के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. एल विट्ठल गोले और मेकेनिकल इंजीनियरिंग विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह को शामिल किया गया है।
टीम में शामिल सदस्य अपनी-अपनी विशेषज्ञता के मुताबिक सभी प्लांट का परीक्षण करेंगे और संपूर्ण रिपोर्ट तैयार करने में सहयोग करेंगे। प्रो. वीके गिरि ने बताया कि उन्हें प्रशासन की ओर 14 नए प्लांट की सूची तकनीकी जांच के लिए प्राप्त हुई है। सभी प्लांट का डीपीआर (डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट) स्वास्थ्य विभाग से मांगा गया है।
डीपीआर मिलने के बाद पहले उसका कागजी परीक्षण किया जाएगा, उसके बाद उसमें दी गई जानकारी का मौके पर जाकर निरीक्षण किया जाएगा। प्लांट में मौजूद व्यवस्था का मानक के सापेक्ष विशेषज्ञों द्वारा जांच की जाएगी। जो भी परिणाम आएगा, उसके आधार पर रिपोर्ट तैयार करके प्रशासन को सौंपी जाएगी।
इन प्लांट की जांच करेगा एमएमएमयूटी
100 बेड टीवी अस्पताल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज- दो प्लांट, आल इंडिया इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंसेज (एम्स), महायोगी गोरखनाथ चिकित्सा विश्वविद्यालय, होमियोपैथिक मेडिकल कॉलेज, बड़हलगंज, जिला महिला चिकित्सालय, जिला चिकित्सालय- दो प्लांट, सीएचसी चरगांवा, सीएचसी बांसगांव, सीएचसी कैंपियरगंज, सीएचसी हरनही, सीएचसी चौरीचौरा।
एमएमएमयूटी कुलपति प्रो. जेपी पांडेय ने बताया कि जिला प्रशासन ने सभी नए स्थापित ऑक्सीजन प्लांट का थर्ड पार्टी सत्यापन करने के लिए कहा है। इसके लिए तकनीकी विशेषज्ञों की तीन सदस्यीय कमेटी का गठन कर दिया गया है। टीम अपने कार्य में लग गई है। रिपोर्ट तैयार होते ही उसे प्रशासन को प्रेषित कर दिया जाएगा।
डीएम विजय किरन आनंद ने बताया कि कोरोन काल में लगे सभी ऑक्सीजन प्लांट के मूल्यांकन की जिम्मेदारी एमएमएमयूटी को दी गई है। प्रशासन की तरफ से कराई गई जांच में सभी प्लांट क्रियाशील मिले थे, एमएमएमयूटी की जांच में भी ऐसी ही सूचना मिल रही है।