गोरखपुर जिले के बाघागाड़ा पुल से लापता हुए ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) राहुल चौधरी का दूसरे दिन भी कोई पता नहीं लगा। बाघागाड़ा पुल से राप्ती नदी में कूदकर वह जान देने जा रहे हैं, इसकी जानकारी वीडीओ ने मां व बहन को वायस मैसेज भेजकर दी थी। सूचना पर पहुंची पुलिस को पुल से लापता ग्राम विकास अधिकारी की घड़ी मोबाइल, कपड़े व स्कूटी मिली थी। शुक्रवार को एसडीआरएफ टीम ने दिन भर नदी में गोताखोरों की मदद से उनकी तलाश की, लेकिन न तो वह जिंदा मिले, न ही उनकी लाश।
जानकारी के मुताबिक पिता की मौत के बाद डेढ़ साल पहले ही ग्राम विकास अधिकारी (वीडीओ) बने राजघाट क्षेत्र में रावत पाठशाला के पास रहने वाले राहुल चौधरी की तैनाती खजनी ब्लॉक में हैं। उनके पास डुमरैला व डोडा गांव का चार्ज है। गुरुवार की सुबह नौ बजे स्कूटी से खजनी जाने के लिए राहुल घर से निकले थे। इसके दो घंटे बाद करीब 11 बजे मां व बहन के मोबाइल पर उनका वायस मैसेज आया। इसमें उन्होंने कहा है- बचपन से ही बहुत शर्मिंदा हूं, डरा-डरा-सा रहता हूं, बाघागाड़ा पुल से राप्ती में कूदकर जान देने जा रहा हूं। अब कभी मुलाकात नहीं होगी।
इससे परेशान मां ने इसकी जानकारी डायल 112 पर दी। रामगढ़ताल पुलिस पहुंची तो बाघागाड़ा पुल पर राहुल की स्कूटी, मोबाइल व कपड़े मिले। देर शाम तक तलाश हुई, लेकिन राहुल का कुछ पता नहीं लगा। इसके बाद शुक्रवार को एनडीआरएफ टीम की मदद ली गई। जिस जगह पर राहुल के कूदने की आशंका जताई जा रही है, वहां काफी देर तक खोजबीन चली। देर शाम पुलिस व एसडीआरएफ टीम वापस लौट गई। अभी राहुल का शव नहीं मिला, इसलिए अभी पुख्ता तौर पर यह नहीं कहा जा सकता कि राहुल ने नदी में कूदकर आत्महत्या कर ली। घटना के पीछे कोई और नई कहानी निकलकर सामने आ जाए तो अचरज नहीं होगा।
रामगढ़ताल एसओ सुशील कुमार शुक्ला ने बताया कि घरवालों को राहुल ने जो मैसेज भेजा है, उसमें आत्महत्या की बात कही गई है, लेकिन दो दिन की खोज में भी कुछ मिला नहीं है। जब तक नदी से शव नहीं मिलता, कुछ कहना उचित नहीं होगा।
वायस मैसेज हो रहा वायरल
राहुल की आवाज में जो वायस मैसेज वायरल हो रहा है वह परिजनों की तरफ से पुलिस को सौंपा गया है। इस मैसेज में राहुल ने कहा है कि बचपन से ही साफ नहीं बोल पाने के चलते शर्मिंदा हूं। मैं हमेशा डरा, डरा-सा रहता हूं। अब कभी मुलाकात नहीं होगी।