मगध विश्वविद्यालय बिहार के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के खिलाफ जांच कर रही स्पेशल विजिलेंस यूनिट (एसवीयू) जल्दी ही भ्रष्टाचार के आरोपों में शामिल दो सप्लायर एजेंसियों के मालिकों से भी पूछताछ करेगी। इन्होंने कई और संस्थानों को भी कॉपी-किताब व कुछ अन्य सामान की सप्लाई दी है। एसवीयू इस मामले में दो लोगों की तलाश में लगी है। माना जा रहा है कि इन दोनों के पकड़े जाने पर मामले में कुछ और जानकारी सामने आएगी।
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने मगध विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजेंद्र प्रसाद यादव के अलावा मेसर्स पूर्वा ग्राफिक्स एंड ऑफसेट प्रिंटर्स और मेसर्स एक्सएलआईसीटी सॉफ्टवेयर प्राइवेट लिमिटेड के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया है। एसवीयू ने ने बुधवार को गोरखपुर पहुंचकर कुलपति के आजाद नगर स्थित आवास पर जांच की थी। यहां से मिले कागजात के आधार पर छानबीन आगे बढ़ रही है।
सूत्रों के अनुसार जांच दल को जानकारी मिली है कि उत्तर पुस्तिका और किताब की जिस सप्लाई को लेकर मगध विश्वविद्यालय में जांच हो रही है, उन्हीं कंपनियों ने कुछ और शिक्षण संस्थानों को भी सप्लाई दी है। सप्लाई चेन से जुड़े दो लोगों को भी एसवीयू तलाश रही है। सप्लाई का खेल बिना टेंडर के ही चलने की बात कही जा रही है। एसवीयू अभी 30 करोड़ की गड़बड़ी की जांच कर रही है।
कुलपति के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति अर्जित करने का मामला भी दर्ज किया गया है। इसके अलावा वीर कुंवर सिंह विश्वविद्यालय के वित्त पदाधिकारी ओम प्रकाश और पाटलिपुत्र विश्वविद्यालय के रजिस्ट्रार जितेंद्र कुमार भी अभियुक्त हैं।
कुलपति के पीए बीमार, नहीं हो पाई पूछताछ
स्पेशल विजिलेंस यूनिट ने शुक्रवार को मगध विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद के पीए सुबोध कुमार को पूछताछ के लिए पटना बुलाया था। लेकिन एसवीयू का संदेश मिलते ही पीए की तबीयत अचानक खराब हो गई। आनन-फानन में मगध मेडिकल कॉलेज के एक डॉक्टर ने पीए को रेस्ट का सर्टिफिकेट दे दिया। इसके चलते पीए से पूछताछ नहीं हो पाई।
कुलपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद यादव के साथ-साथ उनके पीए सुबोध कुमार के खिलाफ भी एसवीयू जांच कर रही है। पूछताछ के लिए शुक्रवार को बुलाया गया था लेकिन वे रेस्ट पर चले गए। सूत्रों के अनुसार एसवीयू को जो डॉक्टर का पर्चा भेजा गया है उसमें रेस्ट (आराम) करने की अवधि का जिक्र नहीं है। इसलिए अब सर्टिफिकेट देने वाले डॉक्टर से भी पूछताछ होगी।