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यूपी: बच्चियां ही नहीं यहां बच्चों की आबरू भी खतरे में, जानिए क्या कहते हैं विशेषज्ञ

Sat, 05 Jun 2021 05:16 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।

सार

पिछले दिनों में बच्चों के साथ सामने आए यौन शोषण के मामले। मानसिक रोग विशेषज्ञों की माने तो यह मानसिक विकृति का नतीजा
 
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प्रतीकात्मक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
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गोरखपुर जिले में बच्चियों के साथ ही बच्चों के आबरू हो भी बचाना मुश्किल होता जा रहा है। पिछले दिनों में इस तरह के कई मामले सामने आए हैं जब बच्चों के साथ यौन उत्पीड़न हुआ है। हाल के दिनों में इस तरह के मामले सामने के आने के पीछे विशेषज्ञ लॉकडाउन के समय में लोगों की अश्लील वीडियो के प्रति आकर्षण बता रहे हैं। उनका कहना है कि हर हाथ में इंटरनेट सहज होने का दुष्परिणाम इस तरह की घटनाएं होती हैं। साथ ही यह मानसिक विकृति है। ऐसे लोगों को इलाज की जरूरत होती है।
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ताजा मामला गुरुवार की रात में सामने आया। खोराबार इलाके में दो भाई साथ में सोए थे। इस दौरान वहां आए युवक ने एक भाई को रुपये का लालच देकर रात में खेलने को भेज दिया। जिसके बाद अकेले किशोर को पाकर उसके साथ कुकर्म किया। आबरू लूटने के बाद खुद की आपबीती 14 साल के किशोन ने अपने पिता को बताई और फिर मामला पुलिस थाने पहुंचा। जिसके बाद जांच कर पुलिस कार्रवाई में जुटी है। 

इसी तरह का मामला पिपराइच में कुछ महीने पहले सामने आया था। वहां पर आठ साल के बच्चे के साथ इस तरह की घटना सामने आई थी। बच्चे को खिलाने के बहाने ले जाकर दो युवकों ने कुकर्म किया था।
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क्या कहते है मानसिक रोग विशेषज्ञ

वरिष्ठ मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. वीके अग्रवाल बताते हैं कि यह एक तरह का मानिसक रोग है। मानसिक विकृति होने पर इस तरह की घटनाएं सामने आती है। चाहे बच्चे के साथ हो या छोटी बच्ची के साथ की घटनाएं। इस तरह के रोगी को इलाज की जरूरत होती है।

हो सकता है आजीवन कारावास
इस तरह के मामले में धारा 377 के तहत कार्रवाई की जाती है। जिसमें आजीवन कारावास तक का सजा का प्रावधान होता है। पुलिस इस तरह के मामले में केस दर्ज कर कार्रवाई करती है।
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