कई गिरोह सक्रिय हैं नाबालिगों को काम पर रखवाने वाले कई गिरोह सक्रिय हैं। जो नेपाल, पश्चिम बंगाल, बिहार जैसे दूसरे प्रांत से लाकर बच्चियों को घर में काम पर रखवा देते हैं। मोटे तौर पर वे दोनों पक्षों से दलाली लेते हैं। जिन नाबालिगों को काम पर रखवाते है उनके अभिभावक और जिनके घर पर काम करती है, दोनों से बकाएदा एक महीने की आधी तय रकम भी ले लेते हैं। वह तो अपना काम करके चले जाते है, लेकिन बाद में बालश्रम कानून में फंसकर, परेशान काम पर रखने वाले होते हैं। बाल श्रम कानून में तो सजा उतनी नहीं है, लेकिन इसके साथ जब आरोप लगते हैं तो वह लैगिंक अपराध के होते हैं, जिनसे बच पाना संभव नहीं हो पाता है।
कई बार पकड़े जा चुके है गिरोह के लोग
मानव तस्करी में लिप्त गिरोह के लोग कई बार पकड़े भी जा चुके है। अभी करीब छह महीने पहले ही दुकान और मकान में काम करने वाले बच्चों को मुक्त कराया गया था। मानव तस्करी विरोधी इकाई थाना पुलिस ने गोरखपुर रेलवे स्टेशन से पकड़कर जेल भेजा था। इसके पहले चौरीचौरा में भी गिरोह के लोग पकड़े जा चुके हैं।
मानव तस्करी की बड़ी घटनाएं
18 फरवरी 2020: मानव तस्करी विरोधी इकाई 9 तस्करों को गिरफ्तार कर 19 बच्चों को मुक्त कराया।
30 सितंबर 2015: कुसम्ही से तस्कर पकड़े गए थे, यह बच्चियों से घरों में काम और चोरी कराते थे।
- पहली और आखिरी सावधानी-नाबालिग को कभी भी काम पर न रखें। सबसे ज्यादा जरूरी है कि आप जिसे काम पर रखना चाहते है वह 18 साल या उससे ज्यादा का हो। उसका बालिग होने का प्रमाण पत्र जरूर देखे। नाबालिग को काम पर रखने पर बाल श्रम कानून के तहत सजा हो सकती है।
- घर में नाबालिग के काम करने की शिकायत किसी ने भी की तो चाइल्ड लेबर एक्ट, जुविनाइल जस्टिस एक्ट और बॉडेड लेबर एक्ट तीनों के तहत कार्रवाई हो सकती है। इसके तहत जुर्माना व तीन साल तक की सजा भी है।
बालिग नौकर के बारे में रखें सावधानी
- अगर किसी भी वेबसाइट से नौकर हायर कर रहे हैं तो पहले वेबसाइट के बारे में पूरी जानकारी कर लें। उसकी उम्र अनिवार्य रूप से तस्दीक कर लें। किसी भी गैर पंजीकृत संस्था या कंपनी से नौकर हायर ना करें।
- नौकरानी/नौकर को घर में प्रवेश देने से पहले ही उसका व उसके द्वारा दिए गए दस्तावेजों का पुलिस सत्यापन जरूर करा लें।
- किसी वजह से पुलिस सत्यापन में देरी हो रही है तो उसका फोटो और जिस संपर्क से उसे रख रहे हैं, उसका पूरा विवरण जरूर अपने पास सुरक्षित रख लें।
- नौकर या अपरिचितों के सामने कभी भी अपनी अलमारियों ना खोले। चाहे वह कितने दिन से भी काम पर क्यों ना हो। घर में कौन सा कीमती सामान कहां पर है, इसकी जानकारी उसे नहीं होनी चाहिए।
- आंखें मूंदकर भरोसा न करें।
उप श्रमायुक्त अमित कुमार मिश्रा ने बताया कि 14 साल से कम बच्चों को घर में काम पर नहीं रखा जा सकता है। अगर ऐसा मिलता है तो बाल श्रम कानून की धारा 3 व 3ए के तहत कार्रवाई की जाती है। इसमें 20 हजार रुपये का जुर्माना तत्काल देना होता है। साथ ही केस भी दर्ज कराया जाता है।
एसपी सिटी सोनम कुमार ने बताया कि घर हो या फैक्ट्री या दुकान नाबालिग लड़का हो या लड़की उसे काम पर रखने से तौबा करें। यह कानूनन गलत है। नाबालिग से तो काम करा ही नहीं सकते है। बालिग को भी काम पर रखना है तो इसका पुलिस सत्यापन कराना चाहिए। अगर सत्यापन नहीं कराते हैं तो इसमें भी पुलिस कानूनी कार्रवाई करती है।