अगर आपके पास रेल सफर को लेकर कोई रोचक या यादगार अनुभव है तो उसे साझा करके नकद ईनाम जीत सकते हैं। रेल मंत्रालय ने हिंदी में रेल यात्रा वृतांत प्रतियोगिता आयोजित की है। अनुभव तीन हजार शब्दों से कम में नहीं होनी चाहिए और प्रविष्टियां 30 जून तक भेजना है।
पूर्वोत्तर रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी पंकज कुमार कुमार सिंह ने प्रतियोगिता के बारे में बताया कि इसका मकसद हिंदी का प्रयोग बढ़ाने और यात्रा संबंधी बेहतर अनुभव के आधार पर रेलवे की सुविधाएं ठीक करना है। विजेता प्रतिभागियों में एक-एक प्रविष्ट को प्रथम पुरस्कार के रूप में 10 हजार रुपये, द्वितीय पुरस्कार आठ हजार रुपये, तृतीय पुरस्कार छह हजार रुपये तथा पांच लोगों को प्रेरणा पुरस्कार के रूप में चार हजार रुपये की राशि तथा प्रशस्ति पत्र दिया जाएगा। इसमें रेलकर्मियों सहित कोई भी भाग ले सकता है।
ऐसे लिखें अनुभव
रेल यात्रा वृतांत हिन्दी भाषा में कम से कम तीन हजार शब्दों का होना चाहिए। रेल यात्रा वृतांत डबल स्पेश में टाइप किया हुआ तथा चारों तरफ एक-एक इंच का हासिया छूटना चाहिए। शब्दों की संख्या लिखी होनी चाहिए। वृतांत के प्रारंभ में बड़े अक्षरों में नाम, पदनाम, आयु, कार्यालय अथवा निवास का पता, मातृ भाषा, मोबाइल नंबर, ई-मेल तथा वृतांत के शब्दों की संख्या आदि का उल्लेख किया जाना चाहिए। रेल यात्रा वृतांत मौलिक हो तथा केंद्र या राज्य सरकार की किसी योजना के अधीन पुरस्कृत न हो। इस आशय का प्रमाण पत्र भी देना होगा।
यहां भेजें प्रवष्टि
रेल यात्रा वृतांत प्रतियोगिता में भाग लेने वाले प्रतियोगी अपनी प्रविष्टि 30 जून, 2021 तक सहायक निदेशक, हिन्दी (प्रशिक्षण), कमरा नं. 536-बी., रेल मंत्रालय (रेलवे बोर्ड), रायसीना रोड, नई दिल्ली-110001 को भेज सकते हैं।