कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता की हत्या के आरोप में जेल में बंद छह पुलिस वालों की बुधवार को वीडियो कांफ्रेंसिंग से कोर्ट में पेशी हुई। सीबीआई ने बुधवार को सीजेएम कोर्ट में अर्जी देकर अनुरोध किया कि साक्ष्य संकलन का काम चल रहा है इसलिए गिरफ्तार छह पुलिस वालों की न्यायिक हिरासत की अवधि बढ़ा दी जाए। अदालत ने अनुरोध स्वीकार करते हुए सभी पुलिस वालों की न्यायिक हिरासत 24 दिसंबर तक बढ़ा दी।
जानकारी के मुताबिक, मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच कर रही सीबीआई ने पोस्टमार्टम हाउस से जुड़े कर्मचारियों से पूछताछ की थी। डाक्टरों समेत कई कर्मचारियों के बयान दर्ज किए गए हैं, जोकि मनीष के शव के पोस्टमार्टम हाउस पहुंचने के समय मौजूद थे। सोमवार को होटल कृष्णा पैलेस के मालिक से करीब दो घंटे तक पूछताछ की थी। होटल के कई और कर्मचारियों से भी पूछताछ हुई थी। माना जा रहा है कि सीबीआई अब सबूत को जोड़कर घटनाक्रम की कड़ियां मिलाने में जुट गई है। सीबीआई के विवेचक समेत कई अधिकारी लगातार गोरखपुर में जमे हैं।
ये है मामला
कानपुर के प्रापर्टी डीलर मनीष गुप्ता की 27 सितंबर की रात गोरखपुर के होटल कृष्णा पैलेस में मौत हो गई थी। मनीष के दोस्तों का आरोप है कि पुलिस की पिटाई से आई चोट से जान गई है। मनीष की पत्नी की तहरीर पर होटल में चेकिंग करने गए छह पुलिसवालों पर हत्या का केस दर्ज है। पत्नी ने गोरखपुर पुलिस की जांच पर सवाल उठाया था, जिसके बाद सरकार ने एसआईटी कानपुर को जांच सौंप दी थी।
बाद में सीबीआई को जांच दी गई। दो नवंबर को सीबीआई ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। 11 नवंबर को जांच के सिलसिले में पहली बार सीबीआई गोरखपुर पहुंची थी। केस से जुड़े लोगों के बयान दर्ज करने और आरोपियों से पूछताछ के लिए रविवार को तीसरी बार सीबीआई गोरखपुर आई थी।