तमिलनाडु में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में गंभीर रूप से घायल देवरिया के लाल ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन से गोरखपुरवासी भी दुखी हैं। वरुण सिंह की चचेरी बहन प्रो. दिव्यारानी सिंह गोरखपुर विश्वविद्यालय के गृह विज्ञान की विभागाध्यक्ष हैं। ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह के निधन की सूचना पाकर प्रो. दिव्यारानी रो पड़ीं। यह वाकया गोरखपुर विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह के दौरान हुआ। आसपास के शिक्षकों ने उन्हें ढांढस बंधाया। हालांकि, प्रो दिव्यारानी ने दीक्षांत समारोह का सारा काम निपटाया, फिर घर गईं।
जानकारी के मुताबिक तमिलनाडु में हुए हेलिकॉप्टर हादसे में सीडीएस जनरल बिपिन रावत सहित 13 लोगों की मौत हो गई थी। इस घटना में देवरिया के कन्हौली गांव के ग्रुप कैप्टन वरुण सिंह घायल हो गए थे। सब वरुण की सलामती की दुआ कर रहे थे, लेकिन बुधवार को इलाज के दौरान उनका निधन हो गया। प्रो दिव्यारानी सिंह गर्व से बताती हैं कि वरुण से पूरे परिवार का मान-सम्मान बढ़ा था। शौर्य चक्र मिलने के बाद बधाइयों का तांता लगा था। सब गर्व से वरुण की शौर्यगाथा सुनाते थे। ग्रुप कैप्टन वरुण की पढ़ाई चंडीगढ़ से हुई थी। वह शुरू से मेधावी और बहादुर थे।
गोरखपुर में भी रही पोस्टिंग, जगुआर उड़ाया
प्रो दिव्यारानी के मुताबिक वरुण सिंह मूलरूप से फाइटर पायलट थे। साल 2007 से 2009 तक उनकी गोरखपुर में तैनाती थी। जगुआर फाइटर प्लेन उड़ाते थे। गोरखपुर से हैदराबाद तबादला हुआ था, फिर तमिलनाडु के वेलिंग्टन में तैनाती हो गई।
पिता केपी सिंह भी सेना में रहे, पत्नी व बच्चे साथ रहते थे
प्रो दिव्यारानी के मुताबिक वरुण सिंह के पिता कर्नल केपी सिंह भी देश की सेवा कर चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद वह भोपाल में रह रहे हैं। वरुण की पोस्टिंग तमिलनाडु में थी। उनके साथ पत्नी गीतांजलि, बेटा रिद्धिमान व बेटी आराध्या रहती थीं।