कानपुर के कारोबारी मनीष गुप्ता हत्याकांड की जांच में जुटी सीबीआई ने मंगलवार को मानसी हॉस्पिटल के दो कर्मचारियों से करीब डेढ़ घंटे तक पूछताछ की है। यह वही अस्पताल है जहां मनीष को सबसे पहले ले जाया गया था। पूरे दिन सीबीआई मनीष गुप्ता के गोरखपुर आने से लेकर मौत तक की घटना को समझने और अब तक पूछताछ और दस्तावेज के आधार पर मिली जानकारी की सभी कड़ियों को जोड़ने में जुटी रही।
सीबीआई की टीम ने मंगलवार को एनेक्सी भवन में ही पूरा दिन बिताया। सीबीआई ने विकास भवन से एक टाइपिस्ट मांग रखा है। पूरे दिन टीम के सदस्य कागजात की पड़ताल कर दस्तावेज सहेजते रहे। बीते दिनों टीम ने मनीष के दोस्तों, वेटर, एसआईटी व स्थानीय पुलिस के साथ पूछताछ, सवाल-जवाब और एकत्र किए गए दस्तावेज हासिल किए थे। समझा जा रहा है कि मंगलवार को सीबीआई ने घटना के बारे में अब तक मिले तथ्यों, बयानों को अब लिपिबद्ध करना शुरू कर दिया है। शाम साढ़े पांच बजे के करीब मानसी हास्पिटल के कर्मचारियों को एक के बाद एक कर सीबीआई ने बुलाया। पहले मनीष तिवारी और फिर नितेश गुप्ता को बुलाया। दोनों कर्मचारियों से करीब सात बजे तक पूछताछ चली। कर्मचारियों ने बताया कि मनीष गुप्ता को जब लाया गया तब उनकी हालत गंभीर लग रही थी। डॉक्टर ने चेकअप के बाद उन्हें हायर सेंटर के लिए रेफर कर दिया था। सीबीआई घटना वाली रात के बारे में जानना चाहती थी।
मानसी हॉस्पिटल में पहले ले गए थे मनीष को
होटल से मनीष गुप्ता को सबसे पहले मानसी हॉस्पिटल ले जाया गया था। हालांकि पुलिस के रिकॉर्ड में इस हॉस्पिटल में ले जाने का जिक्र नहीं है। आरोपी इंस्पेक्टर जेएन सिंह ने पहले जिला अस्पताल ले जाने का जिक्र अपनी जीडी में किया था लेकिन जिला अस्पताल में ले जाने के कोई सबूत नहीं थे वहीं मानसी में ले जाने के सबूत सीसी टीवी फुटेज के रूप में मौजूद थे।