देवरिया जिले में एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। यहां सदर कोतवाली के देवरिया-हाटा मार्ग पर मेहड़ा पुरवा गांव के पास गुरुवार की दोपहर में वाहन की चपेट से युवक की मौत हो गई। पत्नी और आसपास के लोग पास के निजी अस्पताल पहुंचे तो उसे लगा कि जिंदा है। पत्नी ने ई-रिक्शा में शव लादा और तीन किमी का सफर तय कर जिला अस्पताल पहुंची। डाक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। इमरजेंसी के डॉक्टर एनके पांडेय ने बताया कि युवक को मृतावस्था में लाया गया था।
सदर कोतवाली के मेहड़ा पुरवा गांव निवासी रामशरीखा यादव (36) किसी काम से देवरिया-हाटा मार्ग पर स्थित बिजली उपकेंद्र के पास गए थे। इसी दौरान किसी वाहन की चपेट में आ गए। सड़क पर गिरते ही उनकी मौत हो गई।
घटना की जानकारी होने पर पत्नी सविता और अन्य लोग मौके पर पहुंच गए। लोग रामशरीखा को चौराहे के एक डॉक्टर के पास ले गए। डॉक्टर को समझ में नहीं आया कि युवक जिंदा है या मर गया है। उसने उन्हें जिला अस्पताल ले जाने की सलाह दी।
आसपास के लोग एंबुलेंस के लिए फोन करने लगे लेकिन नहीं मिला तो पत्नी सविता ने पति को ई रिक्शा पर लादकर अकेली ही जिला अस्पताल लेकर पहुंच गई। घटनास्थल से जिला अस्पताल के तीन किमी के सफर के दौरान उसे विश्वास था कि उसका पति जिंदा है लेकिन सच तो यह था कि उसकी मौत हो चुकी थी।
अस्पताल पहुंचते डॉक्टरों ने पत्नी से बताया कि रामशरीखा की मौत हो चुकी है। यह सुनते ही पत्नी दहाड़े मार कर रोने लगी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया।