पुलिस सितंबर 2022 में दो बार में माफिया के शाहपुर में स्थित आवास सहित अन्य जगहों की संपत्ति को जब्त की है। लेकिन इसी बीच पुलिस को पता चला कि उसके नाम पर कई और जमीनें हैं, जिसका रिकॉर्ड उसने राजस्व टीम की मदद से दबा दिया है। पुलिस ने जांच की तो पता चला है कि उसके नाम से 21 संपत्तियां हैं, जिसमें से आठ पैतृक हैं, जबकि 13 संपत्ति दानपत्र पर है। इसी दानपत्र की संपत्ति की पुलिस ने जांच तेज कर दी है।
एसपी नार्थ मनोज अवस्थी ने कहा कि अपराधियों के खिलाफ पुलिस का अभियान जारी है। सभी अपराधियों के बारे में पुलिस जांच कर कार्रवाई कर रही है। गैंगस्टर एक्ट के तहत जो भी अपराध से अर्जित संपत्ति की जानकारी होगी, उस पर कार्रवाई की जाएगी।
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माफिया सुधीर सिंह पर गोरखपुर के अलावा लखनऊ में भी केस दर्ज हैं। कुल 36 केस दर्ज हैं। शाहपुर में डकैती, लूट, कैंट में हत्या, गुलरिहा में डकैती, हत्या की कोशिश, शाहपुर में गैंगस्टर, आर्म्स एक्ट के केस दर्ज हैं। लखनऊ के विकास नगर थाना में भी सुधीर के खिलाफ हत्या की कोशिश और आपराधिक साजिश का केस दर्ज है।
जिले के टॉप-10 बदमाशों की सूची में है सुधीर
सुधीर सिंह का नाम जिले के टॉप-10 बदमाशों की सूची में शामिल है। यूपी में बदमाशों के खिलाफ कार्रवाई के लिए तैयार की गई सूची में सुधीर का नाम शामिल होने के बाद पुलिस ने उसकी संपत्तियों का ब्योरा जुटाया था।
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जमीन के नाम पर रंगदारी मांगने व हड़पने वाला जिले का टॉप 10 माफिया विनोद उपाध्याय अब भी फरार है। उसका नेपाल में आखिरी बार लोकेशन मिला था, लेकिन अब तक पुलिस उसकी परछाई तक को नहीं छू पाई है। जबकि, उस पर इनाम की राशि बढ़ाकर एक लाख की जा चुकी है। जिले के टॉप बदमाशों की सूची में शामिल माफिया विनोद ही एक ऐसा है, जिसे पुलिस पकड़ नहीं पाई है, जबकि अन्य सभी बदमाश वर्तमान में जेल में बंद हैं और उनके अपराध की कमाई पर बुलडोजर भी चल चुका है।
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एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि गैंगस्टर एक्ट के तहत अपराध से कमाई गई संपत्तियों को जब्त करने का प्रावधान है। संपत्ति अगर बदमाश ने अपनी पत्नी और बेटे के नाम पर खरीदी है और उसका ब्योरा नहीं है तो उसे भी जब्त किया जाएगा। क्योंकि, जाहिर है कि अगर आमदनी नहीं है तो अपराधी के रुपये का इस्तेमाल हुआ है। माफिया सुधीर सिंह पर कार्रवाई हुई है। अपराध में संलिप्त बदमाशों के खिलाफ ऐसे ही कार्रवाई होगी।