गोरखपुर में पिछले पांच साल से केंद्रांश नहीं मिलने के चलते मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षकों को मानदेय का बड़ा हिस्सा नहीं मिल रहा है। कई बार धरना-प्रदर्शन व आंदोलन के बावजूद अभी तक इनकी बात किसी ने नहीं सुनी। अब ये शिक्षक केंद्रांश की मांग के लिए कोर्ट जाने की तैयारी में हैं।
शुक्रवार को इन शिक्षकों के संगठन ने हाईकोर्ट के अधिवक्ता और सामाजिक कार्यकर्ताओं के साथ बैठक कर केस दाखिल करने की रणनीति बनाई। अखिल भारतीय मदरसा आधुनिकीकरण शिक्षक संघ के मीडिया प्रभारी मोहम्मद आजम ने बताया कि गोरखपुर में 160 मदरसे हैं जिनमें से 10 एडेड हैं, जबकि शेष पंजीकृत हैं।
प्रत्येक मदरसा में तीन शिक्षकों को सरकार की तरफ से मानदेय मिलता है। प्रशिक्षित शिक्षकों को केंद्रांश के तौर पर 12 हजार व राज्यांश के तौर पर तीन हजार रुपये मिलते हैं। परंतु वर्ष 2017 अप्रैल से केंद्रांश के तौर पर मिलने वाली 12 हजार की धनराशि नहीं मिल रही है। इसको लेकर कई बार आंदोलन भी हो चुका है।
शुक्रवार को इस मामले में कोर्ट केस दाखिल करने की तैयारी को लेकर अधिवक्ता अली जैदी व सामाजिक कार्यकर्ता मनोज कुमार सिंह के साथ मिलकर रणनीति बनाई गई। अब जल्दी ही कोर्ट में केस दाखिल किया जाएगा।