फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

गोरखपुर वासियों के लिए लो-वोल्टेज बना सिरदर्द: पानी चला गया नीचे, बिजली ने भी हाथ खींचे

Mon, 18 Jul 2022 09:50 AM IST
vivek shukla अमर उजाला ब्यूरो, गोरखपुर।

सार

भूगर्भ जल टेक्निकल असिस्टेंट दिनेश चंद्र अग्रवाल ने कहा कि बारिश नहीं होने से भूमिगत जलस्तर में गिरावट आई है। जलस्तर डेढ़ से दो मीटर तक नीचे चला गया है। बारिश के बाद इसमें  सुधार होने की संभावना है।
विज्ञापन
सांकेतिक तस्वीर। - फोटो : अमर उजाला।
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

गोरखपुर शहर के मोहल्लों में जलापूर्ति पर दोतरफा मार पड़ रही है। एक तो बारिश न होने से भूमिगत जलस्तर नीचे चला गया है। इसकी वजह से कई ट्यूबवेल क्षमता अनुरूप पानी नहीं दे पा रहे हैं। वहीं, लो-वोल्टेज की वजह से ट्यूबवेल की लाइन बार-बार ट्रिप होने से भी आपूर्ति ठप हो जा रही है।

विज्ञापन


बेतियाहाता आवास विकास कॉलोनी के पास लगे ट्यूबवेल से पानी की आपूर्ति पूरी तरह से ठप हो गई। लोगों की शिकायत पर जब जलकल विभाग के अधिकारियों ने जांच कराई तो लो-वोल्टेज की वजह से ट्यूबवेल का मोटर बंद होने की जानकारी मिली।

वहीं, रुस्तमपुर वार्ड के आजाद नगर पूर्वी इलाके में पिछले पांच दिनों से पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि भूमिगत जलस्तर नीचे जाने की वजह से ट्यूबवेल पूरी क्षमता से पानी नहीं डिस्चार्ज कर पा रहे हैं। ऐसे में पानी की सप्लाई वार्ड के सभी घरों तक नहीं पा रही है। अमरेश श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले पांच-छह दिनों से पानी की सप्लाई नहीं आ रही है।
विज्ञापन


 

विज्ञापन

शहर के दो इलाकों की स्थिति तो बानगी है। कमोवेश इसी तरह की वजहों से शहर के कई इलाकों के लोग परेशानी झेल रहे हैं। दरअसल, इन दिनों बिजली की मांग काफी ज्यादा होने की वजह से ट्रांसफार्मरों पर काफी ज्यादा भार पड़ रहा है। इस वजह से लाइन ट्रिप बार-बार हो जा रही है। एक फेज की बिजली गुल हो जाने के बाद ट्यूबवेल से पानी की सप्लाई बंद हो जा रही है।

भूमिगत जलस्तर नीचे जाने से जलापूर्ति की व्यवस्था प्रभावित हो रही है। इसके अलावा लो-वोल्टेज की वजह से कई बार ट्यूबवेल बंद हो जा रहे हैं। हालांकि आटोमाइज्ड होने की वजह से जब भी वोल्टेज सही होता है, ट्यूबवेल अपने से चलने लगते हैं। जहां भी जलापूर्ति में दिक्कत आती है, उसे तत्काल सही कराया जाता है। : सौरभ सिंह, सहायक अभियंता, जलकल

बारिश नहीं होने से भूमिगत जलस्तर में गिरावट आई है। जलस्तर डेढ़ से दो मीटर तक नीचे चला गया है। बारिश के बाद इसमें  सुधार होने की संभावना है। : दिनेश चंद्र अग्रवाल, टेक्निकल असिस्टेंट, भूगर्भ जल
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें