जमीन रजिस्ट्री का झांसा देकर हड़प लेता था रुपये
बिहार व झारखंड के लोगों को जमीन देने के नाम पर ओमप्रकाश ने अपने साथियों की मदद से रुपये हड़पा था। कई लोगों को तो इसने रजिस्ट्री भी कर दी, लेकिन कब्जा ही नहीं मिला। एक जमीन कई लोगों को दिखाता और फिर रुपये लेने के बाद टाल-मटोल करने लगता था।
इसके झांसे में आए लोग रुपये गंवाने के बाद पाने की कोशिश करते थे तो धमकी भी देता था। वह ज्यादातर दूसरे प्रदेश के लोगों को अपना शिकार बनाता था ताकि यहां पर आकर कोई विरोध भी न कर सके। गोरखपुर की एक महिला के साथ जब इसने जालसाजी की तो मामला खुलकर सामने आ गया। इसके बाद ही एक के बाद एक लोग सामने आए और सबकी तहरीर पर कैंट थाने में केस दर्ज किया गया।
सीएम के जनता दर्शन में महिला ने की थी शिकायत
पांच अगस्त 2021 को मुख्यमंत्री के जनता दर्शन में पहुंचीं बिंदू ने ओमप्रकाश पांडेय पर जमीन हड़पने का आरोप लगाया था। उन्होंने मुख्यमंत्री को बताया था कि उसके साथ जालसाजी होने के बाद भी केस नहीं दर्ज किया जा रहा है। मुख्यमंत्री के नाराजगी जाहिर करने पर पुलिस केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
ओमप्रकाश पर पांच महीने में 25 केस
ओमप्रकाश पर पांच महीने में जालसाजी के 25 केस दर्ज किए जा चुके हैं। 30 अगस्त को पूर्व नौ सैनिक मनीष कुमार मिश्रा ने केस दर्ज कराया था। कुशीनगर के कसया क्षेत्र के वरवा सुकदेव निवासी दुर्गावती, रमेश मिश्रा, किरन राय, लक्ष्मीपुर बुजुर्ग निवासी अलका पांडेय, कुबेरस्थान के सिंहन, जोड़ी निवासी मंजू और कोहरवलिया निवासी मीरा ने केस दर्ज कराया था। 21 दिसंबर को छह और लोगों की तहरीर पर केस दर्ज किया गया। इसके बाद सात और लोग सामने आए थे, जिसमें देवरिया की संगीता व बिहार के लोग शामिल थे।
23 अगस्त को दर्ज हुआ था गैंगस्टर का केस
तत्कालीन कैंट इंस्पेक्टर सुधीर सिंह की तहरीर पर पुलिस ने ओमप्रकाश के अलावा सनी देवल, धीरज साहनी, संजय पर 23 अगस्त को गैंगस्टर के तहत कार्रवाई की थी।
एसएसपी ने गठित की थी विशेष टीम
आरोपी पर 25 हजार रुपये का इनाम घोषित करने के साथ ही अक्तूबर में एसएसपी ने एसपी सिटी सोनम कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की थी। तब उसका लोकेशन राजस्थान में मिलने का दावा किया गया था, लेकिन दो महीने पहले मिले लोकेशन पर काम करने के बाद भी पुलिस के हाथ कुछ नहीं लगा। रविवार को बिहार में लोकेशन मिलने पर पुलिस पहुंची थी। लेकिन, एक बार फिर वह चकमा देकर निकल गया था। तभी उसके गोरखपुर में होने की जानकारी मिली और गिरफ्तार कर लिया गया।