गोरखपुर में जिंदा जलाकर विवाहिता की हत्या करने का आरोप सिद्ध पाए जाने पर अपर सत्र न्यायाधीश संतोष कुमार गौतम ने बृहस्पतिवार को पिपराइच थाना क्षेत्र के ग्राम मिसवा निवासी अभियुक्त पति नागेंद्र, जेठ गोविंद, जेठानी फुलझरी व सास कलावती को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। 10-10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना राशि न देने पर छह महीन की अतिरिक्त कारावास की सजा भुगतनी होगी।
अभियोजन पक्ष की ओर से सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता धर्मेंद्र कुमार मिश्र और राम प्रकाश सिंह का कहना था कि वादी जयंती पिपराइच क्षेत्र के ग्राम बनकट की निवासी हैं। जयंती ने अपनी लड़की रेखा की शादी नागेंद्र के साथ की थी।
गौना के बाद से ही पति और उसके परिवार के लोग 20 हजार रुपये की मांग करते थे। रुपये देने में असमर्थता जताने पर नागेंद्र, गोविंद, कलावती व फुलझरी ने रेखा को मारना-पीटना शुरू कर दिया था। जलाकर मारने की धमकी देते थे।
नौ जून 2012 की रात लगभग नौ बजे अभियुक्तों ने मिलकर रेखा को जला दिया। सूचना मिलने पर 10 जून 2012 की सुबह रेखा से मिले तो उसकी हालत चिंताजनक थी। उसने बताया कि ससुराल वालों ने मिलकर उसे जला दिया है। इलाज के दौरान उसी दिन मेडिकल कॉलेज में उसकी मृत्यु हो गई।