गोरखपुर में टैक्स चोरी के लिए बनाई गई फर्जी कंपनियों के खिलाफ व्यापार कर विभाग मुकदमा दर्ज कराएगा। विभाग ने जांच में चिह्नित ऐसी पांच फर्जी कंपनियों के खिलाफ केस दर्ज कराने के लिए संबंधित थानों को पत्र भी भेजा है।
व्यापार कर विभाग गोरखपुर में पिछले दिनों इनपुट टैक्स क्रेडिट के लिए आवेदन करने वाली कुछ फर्मों की रेंडम चेकिंग की थी। इस दौरान जोन की पांच ऐसी फर्में चिह्नित की गईं, जिन्होंने लाखों रुपये का कारोबार किया था। परंतु जब इन फर्मों का भौतिक सत्यापन शुरू किया गया तो इनका गोदाम या दफ्तर नहीं मिला। इनमें से दो फर्में गोरखपुर की तथा देवरिया, कुशीनगर व सिद्धार्थनगर जिले की एक-एक फर्में थीं। प्राथमिक जांच के बाद व्यापार कर विभाग ने इन सभी फर्मों का पंजीयन निरस्त करने के लिए पत्र भेजा है। इनमें से चार फर्में सेंट्रल जीएसटी में जबकि एक फर्म स्टेट जीएसटी में पंजीकृत हैं।
व्यापार कर विभाग की तरफ से अब इन फर्मों के खिलाफ धोखाधड़ी का केस भी दर्ज कराया जाएगा। विभाग ने कुशीनगर जिले की राज ट्रेडिंग कंपनी के खिलाफ हाटा कोतवाली में मुकदमा दर्ज कराने के लिए पत्र भेजा है। इसी तरह देवरिया जिले की सुरेंद्र ट्रेडर्स अंबेडकरनगर भीखमपुर रोड, के खिलाफ देवरिया सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज होगा।
सोहनलाल कंपनी सिद्धार्थनगर के खिलाफ त्रिलोकपुर थाने में मुकदमा दर्ज कराया जाएगा। गोरखपुर जिले की दो फर्मों राजेंद्र ट्रेडर्स गोला और बानो टिम्बर हाउस कौड़ीराम के खिलाफ गोरखपुर के गगहा थाने में केस दर्ज कराया जाएगा।
जांच में फर्जी पाई गईं पांच फर्मों के पंजीयन निरस्त करने व उनके खाते को ब्लॉक करने के अलावा अब एफआईआर दर्ज कराने की प्रक्रिया शुरू की गई है। जिन पतों पर फर्मों का पंजीकरण कराया गया है, उन्हीं के आधार पर संबंधित थानों में केस दर्ज होगा। इसके लिए विभाग की तरफ से डाक द्वारा पत्र भेजा गया है।
- राजेश सिंह, एडिशनल कमिश्नर ग्रेड टू (एसआईबी)