इस तरह के कई मामले हाल के दिनों में सामने आए हैं, जिसमें पुलिस ने केस दर्ज कर जांच भी शुरू कर दी है। कई ऐसे भी लोग हैं जो फोन पर या फिर ऑनलाइन खतौनी देखकर पुलिस से संपर्क कर अपनी जमीन को बचाने की गुहार लगा रहे हैं। बड़ी बात यह कि जालसाज दूसरे की जगह पर किसी दूसरे का उसी नाम से आधार कार्ड बनवाकर जमीन का बैनामा आसानी से करा ले रहे हैं। कई मामले तो ऐसे भी हैं, जिसमें खारिज दाखिल के समय आपत्ति दाखिल करने पर मामला खुलकर सामने आया है।
एसएसपी डॉ. गौरव ग्रोवर ने कहा कि जालसाजी के मामलों में पुलिस केस दर्ज कर लगातार कार्रवाई कर रही है। दूसरे की जमीन बेचने वाले पर केस दर्ज कर जेल भेजने के साथ ही पुलिस ने गैंगस्टर तक लगाया है। पुलिस ने ऐसे आरोपियों की अपराध से अर्जित संपत्तियों को भी जब्त किया है।
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केस एक
गुलरिहा थाने के जैनपुर गांव निवासी जमीन मालिक बाहर रहते हैं। उनका कोई अता पता गांव वालों को नहीं मालूम। उनके नाम की जमीन को गांव के ही उसी नाम के जालसाज प्रह्लाद ने कूट रचित दस्तावेज तैयार कर बेच दिया। गांव के एक शख्स को जब इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने एसएसपी से शिकायत की। एसएसपी के आदेश पर गुलरिहा पुलिस जालसाजों पर केस दर्ज कर जांच कर रही है।
केस दो
झंगहा पुलिस ने 15 सितंबर को जालसाजी के आरोप में जय कुमार को जेल भिजवाया था। उसने अपने ही गांव के एक आदमी से 40 लाख रुपये की जालसाजी की थी। पीड़ित प्रसिद्ध बाहर रहते थे और अपने गांव के पास ही जमीन के सिलसिले में जय कुमार से संपर्क किए थे। बाद में रुपये लेने के बाद भी जमीन की हेराफेरी कर जय कुमार ने जालसाजी कर ली थी। पुलिस ने आरोपी को जेल भिजवाया था।
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केस तीन
झंगहा के गहिरा गांव के रहने वाले प्रेम नारायण राय अरुणाचल प्रदेश में शिक्षक हैं। यहां गांव की उनकी पूरी जमीन पर कब्जा हो चुका है। अब वह पैतृक जमीन को वापस पाने के लिए संघर्ष कर रहे हैं। कमिश्नर, डीएम से लेकर शासन के आला अफसरों तक को प्रार्थनापत्र दे चुके हैं, लेकिन अब भी उनकी जमीन वापस नहीं मिल सकी।