गोरखपुर विकास प्राधिकरण (जीडीए) एवं निजी कॉलोनाइजर्स की तरफ से विकसित की जाने वाली ले-आउट स्वीकृत परियोजनाओं में अब एक भूखंड पर एक से अधिक मानचित्र पास करने की तैयारी है। इसके लिए जीडीए ऐसी परियोजनाओं में भूखंडों के उपविभाजन का प्रस्ताव आज जीडीए बोर्ड की 120वीं बैठक रखेगा। उम्मीद जताई जा रही है कि इसे बोर्ड की हरी झंडी मिल जाएगी। वर्तमान में यदि कोई एक भूखंड आवंटित कराता है या खरीदता है तो उसपर एक ही मानचित्र पास हो पाता है।
कई बार एक भूखंड के दो या अधिक हिस्से कर अलग-अलग मकान बनाने की जरूरत पड़ती है। ऐसा प्राय: भाईयों के बीच देखा जाता है। कभी-कभी एक व्यक्ति दो या अधिक लोगों को भूखंड के छोटे-छोटे हिस्से बेच देता है। एक ही भूखंड पर एक से अधिक मकान बनवाने के लिए मानचित्र पास नहीं हो पाता है। वर्तमान में जीडीए में इस तरह के सौ से अधिक मानचित्र लंबित हैं। कई ऐसे लोग भी हैं जो इस शर्त की वजह से आवेदन ही नहीं कर पाते हैं। इस प्रस्ताव को हरी झंडी मिलने के बाद एक भूखंड के अलग-अलग हिस्से पर मानचित्र पास हो सकेंगे।
जीडीए अध्यक्ष व कमिश्नर रवि कुमार एनजी की अध्यक्षता में आयोजित होने वाली इस बोर्ड बैठक में कई और महत्वपूर्ण प्रस्तावों पर मोहर लगने की उम्मीद है। जीडीए उपाध्यक्ष प्रेम रंजन सिंह ने बताया कि बैठक मंगलवार को दोपहर बाद 3.30 बजे जीडीए सभागार में होगी।
पार्क का भू-प्रयोग बदलकर आवासीय करने के प्रस्ताव को भी मिल सकती है मंजूरी
बोर्ड की बैठक में खुले स्थल (पार्क) का भू उपयोग बदलकर आवासीय किए जाने का प्रस्ताव भी शामिल किया जाएगा। इसे भी मंजूरी मिल सकती है। अलोकप्रिय संपत्तियों को लखनऊ विकास प्राधिकरण की तरह पहले आओ, पहले पाओ की तर्ज पर आवंटन करने का प्रस्ताव भी बोर्ड बैठक में रखा जाएगा। वहीं रामगढ़ताल योजना के तहत खाली पड़े भूखंडों पर बहुमंजिला इमारतों के निर्माण के प्रस्ताव को भी हरी झंडी मिलने की उम्मीद है। साथ ही प्राधिकरण की उपविधि 2021 एवं माडल उपविधि 2021 सहित अन्य 19 प्रस्ताव भी बैठक में रखे जाएंगे।