गोरखपुर नगर निगम में शामिल हुए 32 गांवों की सरकारी भूमि का लैंड बैंक बनेगा। इसके लिए नगर निगम ने कवायद शुरू कर दी है। इस काम के लिए जल्द ही नगर निगम की ओर से एक लेखपाल और एक नायब तहसीलदार की संविदा पर नियुक्ति की जाएगी। सर्वे का काम शुरू भी कर दिया गया है। सभी सरकारी संपत्तियों का विवरण तैयार करने के बाद नगर निगम इसके व्यवसायिक इस्तेमाल करने संबंधी अपनी योजनाओं पर काम करेगा।
हाल में नगर निगम की सीमा से लगे 32 गांव को नगर निगम में शामिल किया गया है। इन गांवों में काफी बड़े क्षेत्र में सरकारी जमीन भी है। सामान्य तौर पर ग्राम समाज की जमीन का सार्वजनिक रूप से इस्तेमाल होता है। चारागाह के रूप में काफी मात्रा में जमीन है। इसको देखते हुए नगर निगम की ओर से इन सभी भूखंडों का विस्तृत विवरण तैयार कराया जा रहा है। नगर निगम की योजना है कि इनका व्यावसायिक इस्तेमाल किया जाए। नगर निगम क्षेत्र के कई भूखंडों के संबंध में नगर निगम की ओर से कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स, कॉलोनी, मल्टी बहुमंजिली इमारतें बनाने की योजना भी तैयार कर ली गई है।
नगर निगम इन योजनाओं पर कर रहा है काम
- सड़क के किनारे की भूमि पर नगर निगम कॉमर्शियल कॉम्प्लेक्स का कराएगा निर्माण
- बड़े आकार के भूखंडों पर कॉलोनी या रेजिडेंशियल कॉम्प्लेक्स का निर्माण कराया जाएगा
- छोटे आकार की जमीनों को ई टेंडरिंग के जरिए नीलाम किया जाएगा
नगर आयुक्त अविनाश सिंह ने कहा कि हाल में नगर निगम में शामिल हुए 32 गांवों में लैंड बैंक का विवरण तैयार कराया जा रहा है। इसके बाद नगर निगम अपने आय के संसाधन विकसित करने के मकसद से योजना तैयार करेगा। नगर निगम तीन योजनाओं पर काम कर रहा है। छोटे प्लॉटों को ईटेंडरिंग के जरिए नीलाम करने, बड़ी जमीनों पर शॉपिंग कॉम्प्लेक्स और कॉलोनी बनाई जाएगी। भूमि का पूरा विवरण तैयार करने के लिए संविदा के आधार पर एक लेखपाल और एक नायब तहसीलदार को नियुक्त किया जा रहा है।