नदी में फंसे लोगों को रेस्क्यू कर निकाला गया।
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कुशीनगर जिले के बरवापट्टी क्षेत्र के अमवा दीगर गांव के सामने गंडक नदी की धारा में फंसी नाव के सभी डेढ़ सौ सवार लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया है। डीएम ने तत्परता दिखाते हुए रात में ही एसडीआरएफ और एनडीआरएफ टीम को मौके पर बुला लिया था। गोरखपुर से आई एनडीआरएफ की टीम ने रात में ढाई बजे से सुबह छह बजे तक अभियान चलाकर सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया।
दुदही क्षेत्र के कई गांवों के लोग गंडक नदी के बरवापट्टी घाट को पार कर नदी के दियारा क्षेत्र में अपने खेत में काम करने गए थे। बृहस्पतिवार की शाम करीब सात बजे वापस लौटते समय नाव में लगा इंजन मझधार में ही खराब हो गया।
लहरों के सहारे बहती हुई नाव करीब पांच किलोमीटर दूर संपूर्णानगर टोले के सामने नदी में एक टीला नुमा जगह पर जाकर फंस गई। रात में 10 बजे अमवा दीगर गांव के प्रधान रिंकू सिंह पटेल ने अपने गांव कुछ मल्लाहों के साथ चार-पांच छोटी नाव से नदी में जाकर नाव पर फंसे इन लोगों से संपर्क किया।
अपने साथ करीब 30 लोगों को बाहर भी निकाला। रात में करीब 11 बजे डीएम एस राजलिंगम व एसपी सचिंद्र पटेल मौके पर पहुंचे। डीएम ने खड्डा में लगाई गई एसडीआरएफ टीम के अलावा गोरखपुर से एनडीआरएफ टीम को बुलवाया।
रात करीब दो बजे दोनों टीमें मौके पर पहुंचीं और इसके बाद नदी में फंसे लोगों को बचाने के लिए रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया गया। सुबह के करीब छह बजे तक नाव पर सवार सभी लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया।
घटना की जानकारी होने पर बृहस्पतिवार की दोपहर में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष व तमकुहीराज के विधायक अजय कुमार लल्लू ने भी पहुंचकर मामले की जानकारी ली।