कोरोना महामारी से लड़ाई के लिए मेडिकल कॉलेज, सीएचसी और पीएचसी में प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ को तैनात किया जाएगा। इसके लिए कौशल विकास मिशन के तहत युवाओं को तीन महीने के लिए प्रशिक्षित किया जाएगा। पहले चरण में इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन, जनरल ड्यूटी असिस्टेंट, फ्लेबोटोमिस्ट और मेडिकल इक्विपमेंट टेक्नोलॉजी असिस्टेंट के 240 पदों के लिए प्रशिक्षण दिया जाएगा।
प्रशिक्षण कार्यक्रम के नोडल सीएमओ होंगे। इसके अंतर्गत दो महीने का प्रशिक्षण स्वास्थ्य विभाग और एक महीने का प्रशिक्षण आईटीआई के निजी प्रशिक्षण प्रदाता की तरफ से दिया जाएगा। साथ ही कौशल विकास और व्यावसायिक शिक्षा के माध्यम से ज्यादा से ज्यादा युवाओं को प्रशिक्षण देकर उन्हें रोजगार दिलाने की दिशा में प्रयास किया जाएगा। आईटीआई चलो अभियान का भी आयोजन किया जाएगा। इसमें जिले के इंटर और हाईस्कूल के साथ-साथ ब्लॉक और तहसील में जाकर बच्चों व उनके अभिभावकों को जागरूक किया जाएगा।
देवरिया व कुशीनगर में 30-30 पदों के लिए मंजूरी
युवाओं के प्रशिक्षण के संबंध में देवरिया और कुशीनगर जनपद में 30-30 पदों पर शासन स्तर से मंजूरी मिल गई है। गोरखपुर का भी खाका विभाग की ओर से तैयार कर लिया गया है। पिछले महीने व्यावसायिक शिक्षा एवं कौशल विकास मंत्री कपिलदेव अग्रवाल के साथ आयोजित आईटीआई के नोडल प्रधानाचार्यों और जॉइंट डायरेक्टर की वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में योजना प्रस्तुत की जा चुकी है।
ये होगी न्यूनतम अर्हता
इमरजेंसी मेडिकल टेक्नीशियन - 12वीं
जनरल ड्यूटी असिस्टेंट - 10वीं
फ्लेबोटोमिस्ट - 12वीं
मेडिकल इक्विपमेंट टेक्नोलॉजी असिस्टेंट- आईटीआई+10वीं
जेडी आईटीआई राजेश राम ने कहा कि व्यावसायिक शिक्षा विभाग के निर्देश पर पूरी योजना तैयार की जा चुकी है। शासन से निर्देश मिलते ही पंजीकरण कर युवाओं का प्रशिक्षण शुरू कराया जाएगा।