पंडित राकेश उपाध्याय के अनुसार, गुरुवार के दिन केले के पेड़ की पूजा करने का विधान है। ऐसी मान्यता है कि केले के पेड़ में भगवान विष्णु का वास होता है। इस दिन भगवान विष्णु का व्रत और पूजा करने से मनोकामानाएं पूर्ण होती हैं, स्वास्थ्य लाभ होता है। बृहस्पति देव को ज्ञान का कारक माना जाता है, इसलिए विद्यार्थी यदि यह व्रत रखते हैं तो वह हर परीक्षा में सफलता प्राप्त होती है।
बृहस्पतिवार की पूजा विधि
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, गुरुवार के दिन श्रद्धालु ब्रह्ममुहूर्त में स्नान कर स्वच्छ पीले वस्त्र धारण करें। इसके पश्चात पूजा घर को गंगाजल से पवित्र कर वहां भगवान विष्णु की प्रतिमा या चित्र को स्थापित करें। इसके बाद उन्हें पीले फूल, हल्दी, चने की दाल, पीले चावल और धूप अर्पित करें। फिर बेसन या बूंदी लड्डू के साथ ही गुण का भोग लगाएं। इस दिन केले के पेड़ की भी पूजा करें। पूजन के बाद नारायण कवच और विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें।