पंडित नरेंद्र उपाध्याय के अनुसार श्रीमद्भगवत गीता में 18 अध्याय और सात सौ श्लोक हैं। इसमें 574 श्लोक योगेश्वर श्रीकृष्ण ने कहे हैं, 84 अर्जुन ने कहे हैं, 41 संजय ने और एक धृतराष्ट्र ने कहा है। गीता सनातन धर्म का प्रमुख धार्मिक ग्रंथ माना गया है। इसे महाभारत के अमृत के रूप में भी जानते हैं। योगेश्वर श्रीकृष्ण कहते हैं कि इसका पाठ करने वाला कितना भी पापी क्यों न हो लेकिन उसे ईश्वर की कृपा से मोक्ष की प्राप्ति होती है।
गीता प्रेस में आयोजित होते हैं कार्यक्रम
विश्वभर में गीता पहुंचाने का श्रेय अगर किसी को जाता है तो वह है गोरखपुर में स्थापित गीता प्रेस। गीता प्रेस से हर साल गीता की लाखों प्रतियां प्रकाशित होती है जो पूरी दुनिया में भेजी जाती है। गीता जयंती पर गीता प्रेम में कार्यक्रम आयोजित होते हैं, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों की सहभागिता होती है। गीता का पाठ, गीता की पूजा के साथ ही गीता पर ही आधारित संगोष्ठी का आयोजन होता है। लेकिन इस बार कोरोना को देखते हुए भी सार्वजनिक कार्यक्रमों को रद्द कर दिया गया है।