कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
- फोटो : अमर उजाला।
गोरखपुर घूमने आए कानपुर के रियल इस्टेट कारोबारी मनीष गुप्ता (36) की पुलिस की पिटाई से मौत हो गई थी। आरोप है कि जांच का विरोध करने पर पुलिस कर्मियों ने उनकी बेरहमी से पिटाई की थी। उनके दोस्तों को भी पीटा था। हालत खराब होने के बाद पुलिस मनीष को लेकर एक निजी अस्पताल गई थी, जहां से उन्हें रेफर कर दिया गया था। इसके बाद पुलिस ने उन्हें मेडिकल कॉलेज एंबुलेंस से अकेले ही भेज दिया था, जहां डॉक्टरों ने मनीष को मृत घोषित कर दिया। देर रात ही पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया था।
बता दें कि सोमवार देर रात जब मनीष को चोट लगी थी तो चौकी इंचार्ज अक्षय मिश्रा ने सबसे पहले चंदन सैनी को फोन किया था। चंदन सैनी के कहने पर ही मनीष दोस्तों के साथ गोरखपुर आए थे। चंदन के मुताबिक देर रात चौकी इंचार्ज ने फोन करके पूछा था कि ये कौन लोग हैं? चौकी इंचार्ज की बात से लगा कि कुछ गड़बड़ है। लिहाजा, संदेह होने पर होटल पहुंचा। तब पता चला कि पुलिस की पिटाई से मनीष को गंभीर चोटें आई हैं। हरवीर सिंह व प्रदीप कुमार से भी मारपीट की गई थी।
अदालत रेस्टोरेंट में किया था भोजन
दोस्त हरवीर सिंह व प्रदीप कुमार के मुताबिक सोमवार को दिन में होटल आए थे। तीनों दोस्तों ने अपना-अपना फोटोयुक्त पहचान पत्र जमा कराया था। होटल में ठहरने के लिए 2700 रुपये का भुगतान भी किया था। सोमवार देर शाम दोस्तों के साथ जाकर अदालत रेस्टोरेंट मोहद्दीपुर में भोजन किया, फिर आकर तीनों दोस्त कमरे में सो गए। हमें क्या पता था कि अचानक पुलिस आएगी और दोस्त मनीष की जान चली जाएगी।
होटल के बाहर ही डटे रहे दोस्त, हंगामा भी
कानपुर के कारोबारी मनीष की मौत का मामला।
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सोमवार देर रात घटना हुई, लेकिन गुरुग्राम से आए हरवीर सिंह, प्रदीप कुमार और गोरखपुर के चंदन सैनी सहित कई लोग दिनभर होटल के बाहर सुबह से देर रात तक डटे रहे। उनका आरोप था कि घटना के बाद होटल प्रबंधन सहयोग नहीं कर रहा है। इसे लेकर होटल के बाहर हंगामा भी हुआ है।
मनीष की हैं दो बहनें
मनीष की दो बहनें दिशा व निशा हैं। दोनों की शादी हो चुकी है। भाई की मौत से बहनें टूट गई हैं। दोनों का रो-रोकर हाल खराब है।
सीसीटीवी फुटेज की जांच से खुलेंगे राज
होटल कृष्णा पैलेस, मानसी हॉस्पिटल, बीआरडी मेडिकल कॉलेज और रामगढ़ताल थाने की सीसीटीवी फुटेज की जांच से कुछ तथ्य सामने आ सकते हैं। होटल के कमरे में सीसीटीवी नहीं लगा है, लेकिन बरामदे, लिफ्ट, लिफ्ट के बाहर व बाहरी हिस्से में कैमरे लगे हैं। पुलिस जिस मानसी हॉस्पिटल में मनीष को लेकर गई थी, वहां भी कैमरे हैं। बीआरडी मेडिकल कॉलेज में भी कैमरे लगे हैं। रामगढ़ताल थाने के सीसीटीवी फुटेज खंगालने से भी कुछ जानकारी मिल सकती है।