फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Kamika Ekadashi: पापों से मुक्ति दिलाती है कामिका एकादशी, जानिए क्या है इसकी महत्ता

Tue, 03 Aug 2021 04:42 PM IST
vivek shukla अमर उजाला नेटवर्क, गोरखपुर।
विज्ञापन
कामिका एकादशी 2021 - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

कामिका एकादशी चार अगस्त बुधवार को मनाई जाएगी। वाराणसी से प्रकाशित हृषिकेश पंचांग के अनुसार, इस दिन सूर्योदय पांच बजकर 26 मिनट पर और एकादशी तिथि का मान दिन में दो बजकर 11 मिनट तक है। मृगशिरा नक्षत्र संपूर्ण दिन और रात्रि पर्यंत है। इस दिन मृगशिरा नक्षत्र होने से "अमृत" नामक औदायिक योग निर्मित हो गया है जो इस दिन के व्रत की महत्ता को उत्कर्षित कर रहा है।

विज्ञापन


कामिका व्रत का महत्व
पंडित अवधेश मिश्रा के अनुसार, यह व्रत श्रावण मास के कृष्ण पक्ष की एकादशी को किया जाता है। इस व्रत को करने से प्राणी को ब्रह्महत्या और भ्रूणहत्या जैसे पापों से छुटकारा मिलता है। साथ ही समस्त दुखों का नाश होता है। संतान की प्राप्ति होती है। व्रती की अन्य मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। उसे बैकुण्ठ में स्थान मिलता है। पौराणिक शास्त्रों में ऐसा कहा गया है कि इस व्रत की कथा सुनने से वाजपेय यज्ञ का फल मिलता है।

पूजन विधि-विधान
पंडित शरद चंद्र मिश्रा के अनुसार, इस दिन स्नानादि से निवृत होकर पूर्व की ओर मुख करके श्रद्धा भक्ति से बैठ कर शंख, चक्र गदाधारी भगवान विष्णु का घृत, दुग्ध, दही, गंगाजल से स्नान कराएं। प्रतिमा को आसन पर रखकर पुष्प, दीप, नैवैद्य से षोडशोपचार विधि से भगवान विष्णु का पूजन कर आरती करें। भोग में पंचमेवा और मिष्ठान रखे। पूरा दिन सात्विक ढंग से भगवान के चिंतन में व्यतीत करें। दिन भर में केवल एक बार फलाहार करें। रात भजन-कीर्तन में गुजारें। दूसरे दिन व्रत का पारन करें।
विज्ञापन
विज्ञापन



 

विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें