कर्महा के किसान रामू ,भजुराम, रंगीलाल, मुराली और रमवापुर गांव के किसान अफरात, नंदकिशोर, रियाज और राजकुमार सहित अन्य का कहना है कि एनएचएआई तथा एसएलओ के अधिकारी-कर्मचारी जब गांव में आते हैं तो कार्रवाई की धमकी और मुआवजा से वंचित रहने का डर दिखाते हैं।
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सीएम से मिलेंगे किसान, रखेंगे अपनी बात
मुआवजा दिए बिना निर्माण कार्य शुरू कराने का विरोध कर रहे किसानों का कहना है कि देवरिया-सलेमपुर रोड चौड़ीकरण के लिए 10 करोड़ रुपये प्रति हेक्टेयर की दर से मुआवजा दिया जा रहा है। उन्हें भी इसी हिसाब से मुआवजा मिलना चाहिए। आर्बिट्रेशन दाखिल होने के बाद सहमति पत्र भरवाए जाने को किसान छलावा बता रहे हैं। इसलिए, लोग सहमति पत्र पर हस्ताक्षर नहीं कर रहे हैं। किसानों का कहना है कि सीएम से दोबारा मिलकर अपनी समस्या रखेंगे। इसके बाद ही काम शुरू होने देंगे।